अरवल। रंगों के पर्व को लेकर जिले में उत्साह का माहौल है। इसी बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अरवल की ओर से आगामी होलिका दहन के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक महत्वपूर्ण अग्नि सुरक्षा गाइडलाइन (प्रेस विज्ञप्ति) जारी की गई है।
पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस पावन पर्व को हर्षोल्लास के साथ-साथ पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ मनाएं तथा अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि होलिका दहन करते समय निम्नलिखित सावधानियां अनिवार्य रूप से बरतें—
• स्थान का चयन:
होलिका दहन हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर करें। घनी आबादी वाले क्षेत्र, बिजली के तार, ट्रांसफार्मर या झुग्गी-झोपड़ियों के पास दहन बिल्कुल न करें।
• दूरी और ऊंचाई:
होलिका की ऊंचाई 10 फीट से अधिक न रखें। साथ ही पेट्रोल पंप, गैस गोदाम तथा गेहूं के खेतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
• आपातकालीन तैयारी:
दहन स्थल के पास कम से कम दो ड्रम (लगभग 1000 लीटर) पानी अवश्य रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में पंपसेट को चालू अवस्था में रखने की सलाह दी गई है।
• कपड़ों का चुनाव:
आग के समीप जाते समय ढीले या सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें। यथासंभव सूती कपड़े पहनें, जिससे आग लगने का खतरा कम हो।
• प्रतिबंध:
होलिका दहन में पटाखों या किसी भी प्रकार के अति-ज्वलनशील पदार्थों का प्रयोग न करें।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को होलिका दहन स्थल से दूर रखें या उनकी निगरानी में ही वहां ले जाएं। दहन के बाद बची हुई राख को इधर-उधर न फैलाएं तथा यह सुनिश्चित करें कि आग पूरी तरह बुझ चुकी हो, तभी स्थल को छोड़ें।
“अरवल पुलिस आपकी सेवा में सदैव तत्पर है। किसी भी आपात स्थिति या आग लगने की घटना पर तुरंत स्थानीय अग्निशमन केंद्र या नजदीकी पुलिस थाना को सूचित करें।”
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त नजर रखी जाएगी, ताकि त्योहार की खुशियों में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

