अरवल: बिहटा–अरवल–औरंगाबाद रेल लाइन निर्माण को लेकर संघर्ष अब तेज होता दिख रहा है। रविवार को रेल आंदोलन कार्यालय में रेलवे संघर्ष समिति बिहटा, अरवल–औरंगाबाद रेल लाइन संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक एवं रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव ने की।
बैठक में रेलवे लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के नेताओं ने कहा कि लंबे समय से मांग के बावजूद अब तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया धरातल पर शुरू नहीं हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मनोज सिंह यादव ने कहा कि जन आंदोलन के दबाव के कारण इस परियोजना के लिए दो चरणों में राशि स्वीकृत की गई है। पहले चरण में औरंगाबाद टर्मिनल से अनुग्रह नारायण टर्मिनल तक 444 करोड़ रुपये तथा दूसरे चरण में 30 सितंबर 2025 को 3606 करोड़ रुपये की राशि से अनुग्रह नारायण टर्मिनल से बिहटा तक रेल लाइन निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया है। इसके बावजूद अब तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं होना चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि रेल भवन, नई दिल्ली के अनुसार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। ऐसे में यदि मार्च माह के भीतर जमीन अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो 24 मार्च 2026 से राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (भगत सिंह चौक) को अनिश्चितकालीन जाम किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति द्वारा हस्ताक्षर अभियान और “पोस्टकार्ड भेजो” अभियान रेल मंत्री के नाम लगातार जारी रहेगा, ताकि सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाई जा सके।
बैठक को संबोधित करने वालों में संयोजक धनंजय कुमार सिंह, रजनीश कुमार, मंटू कुमार, पप्पू कुमार, ओम प्रकाश कुमार, सुदर्शन यादव, कामेश्वर यादव सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा।

