अरवल। सदर प्रखंड अंतर्गत परासी पैक्स में मतदाता सूची में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। किसानों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और लगातार की गई शिकायतों के बाद बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार, पटना ने मामले पर संज्ञान लेते हुए विंदुवार सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी है।
जानकारी के अनुसार, परासी पैक्स के किसानों ने मतदाता सूची तैयार करने में भारी गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार पटना, जिला पदाधिकारी अरवल तथा बिहार रजिस्ट्रार सहकारी विभाग पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बावजूद अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से किसानों में आक्रोश था।
इसी क्रम में जिला सहकारिता पदाधिकारी अरवल ने अपने पत्रांक 145 दिनांक 05 फरवरी 2026 के माध्यम से मामले की जांच प्राधिकार स्तर से कराने की अनुशंसा की थी। इसके बाद बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार पटना ने अपने पत्रांक 503, दिनांक 26 फरवरी 2026 के तहत इस विवाद पर विंदुवार सुनवाई के लिए 18 मार्च 2026 को सुबह 10:30 बजे अपने कार्यालय में तिथि निर्धारित की है।
प्राधिकार ने जिला सहकारिता पदाधिकारी अरवल से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसमें समिति की कार्यवाही पंजी, कैश बुक, सदस्यता बही, सदस्यता अपील के निष्पादन से जुड़ी विवरणी तथा प्राधिकार के पूर्व पत्रांक 717 दिनांक 06 मई 2024 के अनुपालन से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी अरवल (स.स.),संबंधित सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, समिति के अध्यक्ष, प्रशासक, प्रबंधक एवं परिवादी किसानों को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
अब पूरे मामले में निगाहें 18 मार्च को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। किसानों को उम्मीद है कि इस बार उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार पटना की इस पहल को मामले के निष्पक्ष निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

