अरवल। सदर प्रखंड अरवल के परासी पैक्स में मतदाता सूची तैयार करने को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उच्च स्तरीय जाँच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बावजूद भी अब तक दोषियों पर कोई दंडात्मक एवं विभागीय कार्रवाई नहीं होने से किसानों में भारी आक्रोश है।
फर्जी किसानों के नाम जोड़ने का आरोप,
शिकायत के अनुसार, परासी पैक्स एवं संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत कर फर्जी किसानों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का आरोप है जो एक ही परिवार के कई सदस्यों का नाम जोड़ा गया है तथा परासी पैक्स क्षेत्र के बाहर पटना जिला,एवं करपी प्रखंड क्षेत्र के परासी पैक्स के मतदाता सूची में नाम सामिल किया गया है।वहीं वैध किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए जाने के बावजूद उनकी उम्र 18 वर्ष से कम बताकर सभी आवेदन पैक्स द्वारा रद्द कर दिए गए। जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा सभी अपील आवेदन पर सुनवाई नहीं करने, आरोप यह भी है कि मगध सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक,अरवल के शाखा प्रबंधक द्वारा सदस्यता के लिए चालान के माध्यम से राशि जमा नहीं ली गई, जिससे कई स्वीकृत पात्र किसान सदस्यता से वंचित रह गए। परासी पैक्स द्वारा मतदाता सूची जारी करने में प्राधिकार के नियमों के विपरीत कार्य किया गया था और समिति द्वारा प्रकासन प्रारूप मतदाता सूची को बिना जॉच किए ही DCO अरवल द्वारा भी मतदाता सूची जारी कर दी गई थी।इसको लेकर परासी पैक्स के किसान संतोष कुमार एवं अन्य किसानों द्वारा जिला पदाधिकारी अरवल एवं संयुक्त सचिव बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार पटना से शिकायत किया गया था।
जाँच रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि,
इस मामले को लेकर जिलाधिकारी अरवल श्रीमती अमृषा बैंस के निर्देशानुसार जाँच टीम अनुमंडल पदाधिकारी,अरवल श्री संजीव कुमार एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी,अरवल श्री गोविन्द कुमार मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से निष्पक्ष जांच की गई थी। जाँच रिपोर्ट(पत्रांक-1771, दिनांक 29/12/2025) में मतदाता सूची तैयार करने में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की गई है। इसी के आधार पर जिलाधिकारी अरवल द्वारा अपने पत्रांक- 02/गो. दिनांक - 01/01/2026 द्वारा बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार,पटना को अपने मंतव्य के साथ परासी पैक्स के किसानों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने की अनुशंसा की गई थी इसी के आधार पर बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार पटना द्वारा मतदाता सूची विवाद को देखते हुए परासी पैक्स का निर्वाचन स्थगित कर दिया है। लेकिन अबतक किसानों द्वारा लगाए गए आरोप के आधार पर जॉच में पुष्टि होने के बावजूद भी नहीं तो कार्रवाई हुई और नहीं तो बैध किसानों का मतदाता सूची में नाम सामिल किया गया।
दोषियों पर अबतक कार्रवाई नहीं, उठ रहे सवाल,
ताजा आवेदन दिनांक - 24/02/2026 को परासी पैक्स के किसान संतोष कुमार, सुरेश पंडित, चंद्रशेखर पंडित, संजय कुमार,नथुनी चौधरी, सिद्धेश्वर प्रसाद,राजू सिंह,गणेश प्रसाद एवं अन्य दर्जनो किसान ने जिला पदाधिकारी अरवल से मिलकर अवगत कराया गया है कि परासी पैक्स द्वारा जारी मतदाता सूची में भारी धांधली एवं गड़बड़ी की गई हैं इसमें जिला सहकारिता पदाधिकारी अरवल (DCO) एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी अरवल (BCO) की भूमिका भी संदिग्ध रही है। आरोप है कि जाँच में गड़बड़ी में दोषी पाए जाने के बावजूद भी दोषियों एवं अधिकारियों पर अब तक कोई विभागीय या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, बल्कि नियमों को दरकिनार कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
कार्रवाई नहीं होने के कारण न्यायालय बिहार रजिस्ट्रार पटना के पास मामला लंबित,
शिकायतकर्ता किसान संजीव कुमार एवं अन्य सैकड़ों किसानों ने परासी पैक्स द्वारा जारी मतदाता सूची में भारी धांधली एवं गड़बड़ी को लेकर कार्रवाई नहीं होने के कारण न्यायालय बिहार रजिस्ट्रार सहकारी विभाग पटना के न्यायालय में मामला साक्ष्य सहित विंदुवार आवेदन पत्र दाखिल कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं—
दोषी पैक्स एवं संबंधित अधिकारियों पर तत्काल दंडात्मक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
पैक्स द्वारा सभी जोड़े गए फर्जी नाम को हटाकर सभी आवेदन ऑनलाइन सदस्यता हेतु वैध किसानों को मतदाता सूची में नाम शामिल किया जाए ।
स्वीकृत किसानों को मतदाता सूची में नाम सामिल किया जाए
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष मतदाता सूची की पुनः जाँच कर सभी वैध किसानों एवं स्वीकृत किसानों का मतदाता सूची में नाम सामिल कर पारदर्शी तरीके से चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
पीड़ित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे और साथ ही साथ माननीय न्यायालय हाई कोर्ट पटना के न्यायालय में मामला दाखिल करने पर बाध्य हो जायेगे

