अरवल प्रखंड अंतर्गत परासी पैक्स द्वारा जारी मतदाता सूची में कथित धांधली और गड़बड़ी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। किसानों की शिकायत पर पहले ही उच्च स्तरीय जांच टीम द्वारा निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अरवल को सौंपी जा चुकी है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकार, पटना ने परासी पैक्स का चुनाव भी स्थगित कर दिया था।
इसके बावजूद किसानों का आरोप है कि जिस मूल विवाद के कारण चुनाव स्थगित किया गया, उस विवाद का समाधान अब तक सहकारिता विभाग, अरवल द्वारा नहीं किया गया है। ऐसे में बिना विवाद सुलझाए निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं होगा और स्थिति लगातार जटिल होती जा रही है।
किसानों ने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने और कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए बिहार रजिस्ट्रार, सहकारी विभाग पटना को साक्ष्य सहित शिकायत दी गई थी। इस पर निबंधक, सहयोग समितियां बिहार, पटना के पत्रांक-1790, दिनांक 19 फरवरी 2026 के माध्यम से संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां मगध प्रमंडल, गया को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और आवेदकों व विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि, किसानों का आरोप है कि जिला सहकारिता पदाधिकारी अरवल एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी की परासी पैक्स अध्यक्ष के साथ मिलीभगत है, जिसके कारण उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए ही चुनाव कराया जाए, ताकि पैक्स की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे।

