| रेलवे प्रशासन पर एलाइनमेंट में देरी का आरोप, 24 मार्च को NH-139 जाम की चेतावनी |
नई दिल्ली / अरवल / औरंगाबाद | 1 फरवरी 2026
बिहटा–अरवल–औरंगाबाद रेलवे लाइन के निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल धरना एवं प्रदर्शन किया। यह आंदोलन बिहटा–अरवल–औरंगाबाद रेलवे लाइन संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक और रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें अरवल, औरंगाबाद, दाउदनगर, पालीगंज और पाटलिपुत्र सहित कई क्षेत्रों से सैकड़ों लोग शामिल हुए।
धरना को संबोधित करते हुए मनोज सिंह यादव ने कहा कि यह जन आंदोलन वर्ष 2014 से लगातार जारी है और पिछले 13 वर्षों से औरंगाबाद, अरवल एवं पालीगंज की जनता रेलवे लाइन की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और रेल रोको आंदोलन करती आ रही है। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं को जेल जाना पड़ा, लाठियां भी खानी पड़ीं, लेकिन जनता का संघर्ष कभी रुका नहीं।
उन्होंने बताया कि जन आंदोलन के दबाव में वर्ष 2017 से रेलवे लाइन का सर्वे और डीपीआर कार्य शुरू हुआ, जो 2025 तक चला। इसके तहत रेलवे लाइन निर्माण के लिए दो चरणों में राशि स्वीकृत की गई—
- प्रथम चरण: औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण टर्मिनल तक ₹440 करोड़
- द्वितीय चरण: अनुग्रह नारायण टर्मिनल से अरवल, दाउदनगर होते हुए बिहटा तक ₹3606 करोड़
हालांकि, राशि स्वीकृत होने और औरंगाबाद जिले में एक वर्ष तथा अरवल जिले में चार माह से फंड उपलब्ध रहने के बावजूद, हाजीपुर जोन के रेलवे महाप्रबंधक द्वारा अब तक एलाइनमेंट जारी नहीं किए जाने से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है।
मनोज सिंह यादव ने कहा कि रेलवे लाइन निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के लिए आंदोलनकारियों ने औरंगाबाद से हाजीपुर तक करीब 155 किलोमीटर की पदयात्रा भी की है। इसके बावजूद यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो 24 मार्च 2026 को नेशनल हाईवे-139 को पूरी तरह जाम किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि इस रेलवे लाइन के निर्माण से औरंगाबाद, अरवल और पटना जिले के करोड़ों लोगों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इससे बालू, सीमेंट, अनाज और अन्य वस्तुओं के व्यापार में तेजी आएगी, साथ ही छात्रों, व्यापारियों और आम जनता को बड़ा लाभ होगा और क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
धरना को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के सदस्य धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि अरवल और औरंगाबाद जिलों की कनेक्टिविटी जुड़ने से विकास की रफ्तार कई गुना तेज होगी। वहीं कामेश्वर सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन है और जनसंघर्ष के बल पर आगे भी जीत सुनिश्चित होगी।
अन्य वक्ताओं में रजनीश कुमार, मंटू कुमार, सुरेंद्र सेन, छोटू कुमार, विमलेश कुमार और चंद्रकांत कुमार ने केंद्र और राज्य की “डबल इंजन सरकार” पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि रेलवे लाइन निर्माण में जल्द काम नहीं शुरू हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
पालीगंज से आए संघर्ष साथी राकेश पटेल ने कहा कि पिछले 13 वर्षों से अरवल, औरंगाबाद और पटना जिलों की भूमिका इस जन आंदोलन में जगजाहिर है। जब तक रेलवे लाइन का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
