अरवल। पायस मिशन स्कूल परिसर में आयोजित दो दिवसीय “विकसित भारत 2047” जागरूकता कार्यक्रम का गुरुवार को विधिवत समापन हो गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों को भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका से अवगत कराना रहा। समापन समारोह में प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में अरवल जिला प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और जिला प्रशासन से जुड़े पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और खेल गतिविधियों का अवलोकन किया तथा छात्रों की रचनात्मकता की सराहना की।
छात्रों को मिला भविष्य का मार्गदर्शन अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। उन्होंने छात्रों से कहा कि प्रदर्शनी में दिखाए गए मॉडल और विचार आने वाले वर्षों में देश के विकास की नींव बन सकते हैं। विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र को पहचानकर उसी दिशा में मेहनत करने की सलाह दी गई, ताकि वे पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और खेल प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह समापन अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, समूह नृत्य और विभिन्न खेल गतिविधियों का प्रदर्शन किया। खेल प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन शिक्षकों के सहयोग से सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। स्थानीय स्तर पर दिखा व्यापक प्रभाव यह कार्यक्रम भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। स्थानीय स्तर पर इस आयोजन से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को लेकर जागरूकता बढ़ी है। शिक्षा संस्थानों के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी युवाओं को सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
