अरवल नगर परिषद द्वारा NH-110 जहानाबाद रोड किनारे वृक्ष चबूतरा का निर्माण कराया जा रहा है। नगर को सुंदर बनाने की पहल निस्संदेह सराहनीय है, लेकिन इस निर्माण कार्य को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
स्थल पर लगाए गए बोर्ड में यह जरूर लिखा गया है कि कार्य का उद्घाटन माननीय मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद एवं वार्ड पार्षद के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, लेकिन सबसे अहम जानकारी — इस एक चबूतरे के निर्माण में कुल कितनी राशि खर्च की गई — का कहीं कोई उल्लेख नहीं है।
नगर परिषद द्वारा किए जा रहे अधिकांश कार्यों में यही स्थिति देखने को मिल रही है। न तो लागत का विवरण सार्वजनिक किया जा रहा है और न ही कार्य की स्वीकृत योजना, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठना लाज़मी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि काम पूरी ईमानदारी और नियमानुसार हो रहा है, तो फिर लागत छिपाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जनता के टैक्स के पैसे से हो रहे विकास कार्यों में खर्च की जानकारी देना नगर परिषद की जिम्मेदारी है।
बिना लागत दर्शाए किए जा रहे ऐसे कार्यों से यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं अधूरे विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर नगर परिषद क्षेत्र की जनता को गुमराह कर लूटा तो नहीं जा रहा।
अब सवाल यह है कि अरवल नगर परिषद कब अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता अपनाएगी और जनता के सामने सच्चाई रखेगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस पर जवाब देंगे या फिर यह सवाल भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?
