मेरठ। शहर की डिजिटल गलियों में हलचल उस समय बढ़ गई जब सोशल मीडिया पर सक्रिय यूट्यूबर शादाब जकाती को इंचोली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने अपनी एक वीडियो में एक नाबालिग बच्ची को ऐसे दृश्य और संवाद में शामिल किया, जिन्हें अशोभनीय और अनुचित माना गया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला धीरे-धीरे एक छोटी चिंगारी की तरह भड़का और अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
सोशल एक्टिविस्ट राहुल ने इस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) तक पहुंचा। आयोग ने वीडियो की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग की सिफारिश पर इंचोली थाना पुलिस ने शादाब जकाती के खिलाफ BNSS 170 (पूर्व धारा 151) के तहत मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार किया।
विवादित वीडियो में जकाती एक दुकान में दुकानदार की भूमिका निभाते दिख रहा था। इसी दौरान बच्ची के साथ उसकी बातचीत और प्रस्तुति पर कई लोगों ने आपत्ति जताई। आरोप है कि वीडियो में बच्ची को ऐसे अभिनय के लिए कहा गया, जो उसकी उम्र के हिसाब से अनुचित और आपत्तिजनक था। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेज़ी से फैला और भारी आलोचना की वजह बना।
गिरफ्तारी के बाद जकाती को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। बाहर आकर उसने कहा कि उसकी नीयत गलत नहीं थी और उसने सिर्फ "बच्ची की तारीफ" की थी। उसने यह भी बताया कि वीडियो बाद में हटा दी गई और यदि किसी को तकलीफ पहुंची है तो वह माफी मांगता है। हालांकि, उसने यह स्वीकार किया कि उसे पता नहीं था कि उसके खिलाफ कौन-सी धारा लगाई गई है।
इस बीच, पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है। शिकायतकर्ता और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि बच्चों के किसी भी प्रकार के गलत उपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल मामला सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय चर्चाओं तक हर जगह छाया हुआ है।
