छपरा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा छपरा ने आर्य कन्या विद्यालय परिसर में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया। इस अवसर पर केंद्र के संयोजक विश्व मोहन और स्कूल के प्राचार्य ने बच्चों के साथ उनकी माता को भी बुलाया गया बालिकाओं ने अपनी माता के चरण को जल से धोकर पुष्प से पूजन किया । अरुण पुरोहित धर्म प्रचारक ने सभी बच्चों को शपथ दिलाई कि आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जिनकी माताएं नहीं आई है वह बालिकाएं अपने घर पर जाकर माता-पिता का चरण धोकर स्पर्श करेंगी। प्रतिदिन की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करेंगी विद्यालय के प्राचार्य अनिल कुमार मिश्रा, अधिवक्ता पारसनाथ श्रीवास्तव, योग गुरु सुनील त्यागी, मनोज जी , शिक्षक विकास गुप्ता अरुण पुरोहित धर्म प्रचारकने गुरु की महिमा का व्याख्यान किया। अरुण पुरोहित ने कहा विवेकानंद केंद्र ऊं को अपना गुरु मानता है। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश , जीव से ब्रह्म एवं आत्मा को परमात्मा से साक्षात्कार करता है।शब्द ही ब्रह्म है सबसे पहले ऊं शब्द की उत्पत्ति हुई उसी से संपूर्ण सृष्टि का निर्माण हुआ ऐसा हमारे वेदों में वर्णित है। चार वेद 18 पुराण के रचयिता वेदव्यास जी के जन्म दिवस को हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं। उपस्थित माताओं से अनुरोध किया कि वह अपने बच्चियों को अपनी संस्कृति शास्त्रों एवं महापुरुषों के बारे में बताएं । स्वामी विवेकानंद की पुस्तकों का अध्ययन करने से ही चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण होगा।
सच्चे गुरु विद्यार्थी को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं: अरुण पुरोहित
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