अरवल। जिले के अरवल प्रखंड अंतर्गत परासी ग्राम पंचायत में 15वीं एवं षष्ठम वित्त आयोग की योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव के निवासी शशिकांत कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने देश की राष्ट्रपति को पत्र लिखकर दोषियों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की मुखिया मुसर सुल्ताना ताज द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं में सरकारी राशि का गबन किया गया है। इस मामले को लेकर पहले ही निगरानी विभाग, पटना एवं जिलाधिकारी अरवल को साक्ष्यों के साथ शिकायत दी गई थी। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराई गई, जिसमें मुखिया को दोषी पाया गया।
हालांकि, जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। निगरानी विभाग द्वारा भी कई बार पत्र के माध्यम से कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार जनता दरबार में भी शिकायत कर रहे हैं, फिर भी न्याय नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन द्वारा बार-बार पुनः जांच कराकर मामले को टालने की कोशिश की जा रही है, जिससे दोषियों को बचाया जा सके। उनका कहना है कि इस तरह की कार्यशैली से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों का मनोबल टूट रहा है।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है और दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को निर्देश देने की अपील की है। साथ ही, इस पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री एवं बिहार के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है।

