अरवल एक कमरे में 1 से 5 तक की पढ़ाईअरवल जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी और जर्जर भवन के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है, जिससे अभिभावकों में चिंता का माहौल है और कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं।जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए कम से कम पांच शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल तीन शिक्षक—बृजेश किशोर सिंह, रूमी खातून एवं संतोष कुमार—ही कार्यरत हैं। शिक्षकों की कमी के कारण सभी कक्षाओं के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे न तो शिक्षक सही तरीके से पढ़ा पा रहे हैं और न ही छात्र ठीक से समझ पा रहे हैं।
इसके अलावा, विद्यालय का भवन भी जर्जर स्थिति में है। छत और दीवारों की हालत खराब होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना रहता है। बारिश के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि इस स्थिति में बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति और भवन की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

