23 साल बाद टाडा केस के 4 बंदियों की रिहाई, गया सेंट्रल जेल से आज दो हुए मुक्त

23 साल बाद टाडा केस के 4 बंदियों की रिहाई, गया सेंट्रल जेल से आज दो हुए मुक्त

Satveer Singh
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अरवल/गया। चर्चित भदासी कांड में टाडा कानून के तहत करीब 23 साल से जेल में बंद चार लोगों की रिहाई का आदेश जारी कर दिया गया है। इनमें से चुरामन भगत और अजीत साव को गुरुवार को गया सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया, जबकि अरविंद चौधरी और श्याम चौधरी को शुक्रवार को रिहा किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2003 से ये सभी लोग लगातार जेल में बंद थे और ट्रायल के दौरान भी लगभग दो साल तक जेल में रहे। लंबे समय से इनकी रिहाई को लेकर आंदोलन और मांग चल रही थी। जेल में बंद पांच लोगों में से एक लक्ष्मण साव की नवंबर 2025 में मौत हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर रिहाई होती तो उनकी जान बच सकती थी।

बताया जाता है कि 1988 के चर्चित भदासी कांड में एक दरोगा सहित चार लोगों की हत्या के मामले में टाडा कानून की धाराएं लगाई गई थीं। इस मामले में जहानाबाद सत्र न्यायालय ने 14 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। तब से आरोपी जेल में ही बंद थे, जिनमें से सात की जेल के दौरान ही मौत हो गई।

गुरुवार को जैसे ही चुरामन भगत अपने गांव पहुंचे, भदासी बाजार और उनके घर पर सैकड़ों लोग जुट गए और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि गरीबों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और संघर्ष जारी रहेगा।

रिहाई के दौरान अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि और परिजन भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि गरीबों के अधिकार के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

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