करपी (अरवल), मंगलवार। किसानों की जमीन संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर करपी अंचल कार्यालय में एक अहम पहल की गई। रेल आंदोलन के सूत्रधार एवं अरवल विकास मंच के अध्यक्ष मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी (CO) आलोक कुमार से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया
प्रतिनिधिमंडल ने किसानों के जमीन से जुड़े दस्तावेज—खाता, प्लॉट और खेसरा—में आ रही त्रुटियों तथा उनके त्वरित परिमार्जन (सुधार) की आवश्यकता पर जोर दिया। ज्ञापन में कहा गया कि दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण किसानों को कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता और उन्हें बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
प्रमुख माँगें
ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य माँगें रखी गईं:
- पंचायत स्तर पर विशेष शिविर: किसानों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देने के लिए हर पंचायत में विशेष शिविर आयोजित किए जाएँ।
- फार्मर रजिस्ट्री लागू हो: किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिले, इसके लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
- दस्तावेजों में त्वरित सुधार: खाता-खेसरा में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए सरल और तेज प्रक्रिया अपनाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
इस मौके पर मनोज सिंह यादव के साथ कोचहसा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि संजय रविदास, कृष्ण यादव और सूरज दयाल सिंह सहित कई किसान व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मनोज सिंह यादव ने क्या कहा
अरवल विकास मंच के अध्यक्ष मनोज सिंह यादव ने कहा—
“किसानों को अपनी ही जमीन के दस्तावेजों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अगर पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाते हैं तो इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बुजुर्ग व कम पढ़े-लिखे किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी।”
प्रशासन का आश्वासन
अंचल अधिकारी आलोक कुमार ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा और नियमों के अनुरूप उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निष्कर्ष:
यह पहल किसानों की जमीन संबंधी परेशानियों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पंचायत स्तर पर शिविर लगने से न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि प्रशासन और किसानों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।

