अरवल जिला मुख्यालय के प्रखंड परिसर में भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार, मो. असलम मंसूरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अरवल प्रखंड परिसर से समाहरणालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान भारत मुक्ति मोर्चा ने आरएसएस-बीजेपी पर संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ओडिशा के कटक में प्रस्तावित बामसेफ–भारत मुक्ति मोर्चा के संयुक्त राष्ट्रीय अधिवेशन को प्रशासनिक अनुमति न दिए जाने को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया गया है।
मोर्चा के अनुसार 26 से 30 दिसंबर 2025 तक कटक के बलिजात्रा मैदान में आयोजित होने वाले इस अधिवेशन की सभी तैयारियां पूरी थीं, लेकिन अंतिम समय में जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा अनुमति रद्द कर दी गई। संगठन का आरोप है कि यह कार्रवाई आरएसएस-बीजेपी के दबाव में की गई, ताकि ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक समाज की जाति आधारित जनगणना की मांग को दबाया जा सके।
मोर्चा ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लंघन बताते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप और ओडिशा सरकार के खिलाफ अनुच्छेद 356 के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही संगठन ने देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए 22 फरवरी 2026 को नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय के सामने विशाल राष्ट्रीय रैली आयोजित करने की जानकारी दी।
मोर्चा नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और बहुजन समाज के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
