अरवल | बिहार की सेस्टोबॉल टीम मंगलवार को सीनियर बॉयज़ एवं गर्ल्स नेशनल सेस्टोबॉल चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली रवाना हो गई। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता 7 से 9 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। टीम का प्रस्थान आरा रेलवे स्टेशन से हुआ, जहाँ खिलाड़ियों के चेहरों पर उत्साह, जोश और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
इस राष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार कर रहे हैं। टीम को विदा करते हुए उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि ये खिलाड़ी सिर्फ अरवल या बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीम भावना के बल पर बिहार की टीम राष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करेगी।
अरवल सेस्टोबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष ई. संजय कुमार ने इस अवसर को जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि ये बच्चे केवल अरवल या बिहार के नहीं, बल्कि देश के भविष्य हैं। हमें पूरा भरोसा है कि इनकी मेहनत और आत्मविश्वास बिहार को सेस्टोबॉल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने प्रतियोगिता से पहले लगातार अभ्यास किया है और खिलाड़ी हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
टीम के साथ अरवल जिला सेस्टोबॉल संघ के कोषाध्यक्ष मनीष कुमार, कोच रौशन कुमार, सूरज कुमार और गोलू कुमार भी मौजूद हैं। कोचों ने बताया कि खिलाड़ियों ने फिटनेस, तकनीक और रणनीति पर विशेष ध्यान दिया है। उनका कहना है कि इस बार बिहार की टीम पदक जीतने का पूरा माद्दा रखती है।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अरवल जिले के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बॉयज़ वर्ग में आदित्य, प्रिंस, रितिक, अभिषेक, सक्षम, आदर्श, पीयूष, अर्णव, उत्कर्ष, अमन और आर्यन शामिल हैं। वहीं गर्ल्स वर्ग में सृष्टि, खुशी, काजल कुमारी, प्रीति कुमारी, रितु, सिमरन, सलोनी और अंतरा टीम का हिस्सा हैं। सभी खिलाड़ियों ने चयन पर खुशी जताई और कहा कि वे पूरे समर्पण के साथ खेलकर राज्य के लिए सर्वश्रेष्ठ परिणाम लाने का प्रयास करेंगे।
टीम के प्रस्थान के समय खिलाड़ियों के परिजन, खेल प्रेमी और संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और जीत की शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रीय स्तर की यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि अरवल जिले और पूरे बिहार के लिए भी गर्व का विषय है। यदि टीम इस प्रतियोगिता में सफलता हासिल करती है, तो इससे जिले में सेस्टोबॉल को नई पहचान मिलेगी और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। फिलहाल पूरे जिले की निगाहें बरेली में होने वाली इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप पर टिकी हुई हैं।
