नीतीश आवास पर अचानक सियासी जुटान, ललन–चौधरी संग बैठक से बिहार में अटकलें तेज
पटना में अचानक बढ़ी सियासी गर्मी
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर अचानक हुई एक अहम बैठक ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस बैठक में मंत्री विजय चौधरी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मंत्री अशोक चौधरी की मौजूदगी ने राजनीतिक संकेतों को और गहरा कर दिया है।
काफी देर चली बंद कमरे की बैठक
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक काफी देर तक चली। बैठक के दौरान राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, गठबंधन की मजबूती और आने वाले दिनों की रणनीति पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक के एजेंडे को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है।
ललन सिंह को खुद छोड़ने पहुंचे मुख्यमंत्री
बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक कदम सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। वे खुद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को उनके आवास तक छोड़ने पहुंचे और वहां भी कुछ देर तक बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री वापस लौट आए। यह दृश्य राजनीतिक जानकारों के लिए कई सवाल खड़े कर रहा है।
अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ा सस्पेंस
गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई थी। वहीं खरमास के बाद बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की परंपरा रही है। ऐसे में इस बैठक को आने वाले बड़े राजनीतिक फैसलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बड़े सियासी बदलाव के संकेत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक यूं ही नहीं हुई है। गठबंधन की दिशा, सरकार की स्थिरता और 2025 की राजनीति को लेकर अंदरखाने मंथन की अटकलें तेज हो गई हैं। खासकर जिस तरह से शीर्ष नेताओं की अचानक मौजूदगी रही, उसने संभावित सियासी खेल की ओर इशारा कर दिया है।
चर्चाओं का बाजार गर्म
बैठक के बाद पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। क्या बिहार की राजनीति में कोई बड़ा मोड़ आने वाला है, या यह सिर्फ रणनीतिक बैठक थी—इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल, नीतीश आवास की यह बैठक आने वाले दिनों में बड़े सियासी घटनाक्रम का संकेत मानी जा रही है।