बेतिया ATM चोरी कांड: 24 लाख की वारदात ने हिलाया पुलिस महकमा, 3 दारोगा सस्पेंड, 8 जवानों का वेतन रोका

बेतिया ATM चोरी कांड: 24 लाख की वारदात ने हिलाया पुलिस महकमा, 3 दारोगा सस्पेंड, 8 जवानों का वेतन रोका

Satveer Singh
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बेतिया में ATM चोरी से मचा हड़कंप

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में 17 दिसंबर की रात हुई ATM चोरी की बड़ी वारदात ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गैस कटर मशीन की मदद से चोरों ने दो अलग-अलग ATM को निशाना बनाते हुए करीब 24 लाख रुपये की चोरी कर ली। इस घटना के बाद हुई आंतरिक जांच में रात्रि गश्त के दौरान भारी लापरवाही सामने आई है।


गश्त में ढिलाई पड़ी भारी

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिन इलाकों में ATM स्थित थे, वहां तैनात पुलिस गश्ती दल अपने निर्धारित समय पर संवेदनशील क्षेत्रों में नहीं पहुंचा। पुलिस वाहन न तो तय रूट पर गश्त कर रहे थे और न ही निगरानी में गंभीरता दिखाई गई। इसी सुरक्षा चूक का फायदा उठाकर चोर आसानी से ATM काटकर फरार हो गए।


तीन सब-इंस्पेक्टर निलंबित

लापरवाही के आरोप में सब-इंस्पेक्टर राजा राम कुमार, सुदामा प्रसाद और नंदलाल पासवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ये तीनों नगर थाना और नौतन थाना क्षेत्रों में रात्रि गश्त पर तैनात थे। उन पर कर्तव्य में लापरवाही, गश्त में ढिलाई और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


आठ पुलिसकर्मियों का वेतन रोका

मामले को गंभीरता से लेते हुए चंपारण रेंज के डीआईजी हरि किशोर राय ने रात्रि गश्त व्यवस्था में शामिल आठ अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है। साथ ही सभी से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।


SP और DIG का सख्त संदेश

बेतिया एसपी शौर्य सुमन ने कहा कि आंतरिक जांच में साफ तौर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं डीआईजी हरि किशोर राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ATM, बैंक, आभूषण दुकान और अन्य संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। आगे से रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने और उसकी नियमित निगरानी के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में ATM और बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि सख्त कार्रवाई और नए निर्देशों के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।

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