उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर, यूपी-बिहार में रेड अलर्ट से हड़कंप
उत्तर भारत में दिसंबर के अंतिम दिनों के साथ ही ठंड ने अब खतरनाक स्तर छू लिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में शीतलहर और घने कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए साफ चेतावनी दी है कि आने वाले 24 से 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण कई इलाकों में विजिबिलिटी शून्य तक पहुंचने की आशंका जताई गई है, जिसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ सकता है।
उत्तर भारत ठंड की चपेट में, बढ़ी लोगों की मुश्किलें
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद उत्तर पछुआ हवाएं और ठंडी हवा काबाव लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि दिन के समय भी धूप बेअसर नजर आ रही है और ठंड का एहसास रात जैसा बना हुआ है। कई जिलों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। ठंड के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को झेलनी पड़ रही है।
यूपी में शीतलहर और कोहरे का डबल अटैक
उत्तर प्रदेश इस समय ठंड के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। मौसम विभाग ने 27 दिसंबर को प्रदेश के 25 जिलों में कोल्ड डे और घने कोहरे का रेड अलर्ट जारी किया है। गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी से लेकर बरेली और मुरादाबाद तक हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
दिन में भी ठंडी हवाओं के चलते तापमान नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे लोग अलाव और हीटर का सहारा लेने को मजबूर हैं। कोहरे की वजह से हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
लखनऊ और नोएडा समेत बड़े शहरों में ऑरेंज अलर्ट
राजधानी लखनऊ में सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यहां ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री और अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
वहीं नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में भी देर रात और तड़के कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार में शीतलहर का प्रकोप, कोल्ड डे की चेतावनी
बिहार में भी ठंड लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य में 28 दिसंबर तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के 29 जिलों में कोल्ड डे की चेतावनी दी गई है।
औरंगाबाद, गया, भागलपुर और सबौर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। पटना में इस सीजन में पहली बार तापमान 10 डिग्री के आसपास पहुंच गया, जिससे राजधानी में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है।
जनजीवन पर गहरा असर
कड़ाके की ठंड और कोहरे के चलते स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है। कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव पर विचार शुरू कर दिया है।
रेलवे और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, वहीं कुछ उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है। सड़क पर वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से चलने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में
ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। कई जिलों में अलाव की व्यवस्था, रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने और जरूरतमंदों को कंबल बांटने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।
अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे के दौरान कोहरे की तीव्रता और बढ़ सकती है। उत्तर बिहार और पूर्वी यूपी में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान तापमान में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नए साल से राहत की उम्मीद
हालांकि लोगों के लिए राहत की खबर भी है। मौसम विभाग के अनुसार 31 दिसंबर के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। नए साल की शुरुआत के साथ ही शीतलहर की तीव्रता कम होने और ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।