अरवल में 24 घंटे की पुलिस कार्रवाई, हत्या कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
अरवल जिले में अपहरण के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अरवल पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए हत्या कांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस गिरफ्तारी से इलाके में फैले भय और आक्रोश के बीच लोगों को राहत मिली है, वहीं पुलिस की सक्रियता पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
क्या है पूरा मामला? (ग्राउंड रिपोर्ट)
14 अगस्त 2025 को कुर्था थाना क्षेत्र के प्रतापुर गांव की रहने वाली रुबी देवी (35 वर्ष) ने थाने में लिखित आवेदन दिया था। उन्होंने बताया कि उनके पति राजकुमार (38 वर्ष) का 13 अगस्त की रात करीब 12 बजे अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर अपहरण कर लिया।
👉 यह घटना गांव के लिए सामान्य नहीं थी। रात में घर से उठा लिया जाना, वह भी बिना किसी सुराग के—पूरा इलाका सहम गया।
FIR से शव बरामदगी तक: कैसे खुला मामला
पुलिस ने मामले में कुर्था थाना कांड संख्या 140/25 दर्ज कर BNS की धारा 140(3), 351(2), 3(5) के तहत जांच शुरू की।
16 अगस्त 2025, दोपहर करीब 3:10 बजे, पुलिस को सूचना मिली कि प्रतापुर गांव से 1.5 किलोमीटर उत्तर धान के खेत में एक शव पड़ा है।
👉 मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने खेत में एक पुरुष का शव बरामद किया, जिसकी पहचान बाद में राजकुमार के रूप में हुई।
विशेष टीम का गठन, 24 घंटे में बड़ी कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, अरवल के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
टीम ने तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय इनपुट और पूछताछ के आधार पर दबिश तेज की।
📌 परिणाम:
- पहले 24 घंटे में 3 आरोपियों की गिरफ्तारी
- लगातार छापेमारी के दौरान 30 दिसंबर 2025 को मुख्य आरोपी को भी दबोच लिया गया
👉 यह वही मोड़ था, जहां जांच ने निर्णायक दिशा ली।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी कौन है?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान इस प्रकार हुई है:
- नाम: पंकज कुमार
- उम्र: 27 वर्ष
- पिता: सुरेशन पासवान
- पता: ग्राम – पुलसाथर, थाना – कुर्था, जिला – अरवल
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
अरवल पुलिस का कहना है कि,
“मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।”
यह बयान न सिर्फ जांच की दिशा बताता है, बल्कि आने वाले दिनों में और खुलासों के संकेत भी देता है।
गांव में क्या है माहौल?
प्रतापुर और आसपास के गांवों में इस घटना के बाद डर का माहौल था। लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर विश्वास बहाल किया है।
👉 सवाल अब यही है—क्या बाकी आरोपी भी जल्द सलाखों के पीछे होंगे?
क्यों है यह खबर जनहित में?
- रात में घर से अपहरण जैसी घटनाओं पर पुलिस की तत्परता
- ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था का सीधा असर
- पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद
- अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश
निष्कर्ष
अरवल में यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और न्याय की उम्मीद से जुड़ा है। 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी यह दिखाती है कि दबाव में भी सिस्टम काम कर सकता है—बशर्ते नीयत और कार्रवाई दोनों मजबूत हों।
