0
News
    Home National

    विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा कदम: सरकार का ‘वन स्टॉप सेंटर’ प्लान, विरोधी ताकतों पर कड़ी नजर

    "विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा कदम: सरकार का ‘वन स्टॉप सेंटर’ प्लान, विरोधी ताकतों पर कड़ी नजर"

    2 min read

    नई दिल्ली / भारत सरकार ने विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों, खासकर भारतीय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब सीधी और मजबूत रणनीति अपनाई है। हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और भारत विरोधी गतिविधियों के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने कई देशों में ‘वन स्टॉप सेंटर’ शुरू किए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य सिर्फ मदद नहीं, बल्कि सुरक्षा, निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह पहल विदेश नीति के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से भी सीधे जुड़ती है।


    क्या है भारत सरकार का नया ‘ओवरसीज सिक्योरिटी प्लान’?

    भारत सरकार ने यह योजना विदेश मंत्रालय (MEA) और खुफिया एजेंसियों के समन्वय से लागू की है। इसके तहत विदेशों में भारतीय मिशनों को महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी सहायता और भारत विरोधी गतिविधियों की रिपोर्टिंग का अधिकार मिला है।

    👉 सीधा असर:

    • संकट में फंसी भारतीय महिलाओं को तुरंत मदद
    • भारत विरोधी नेटवर्क पर रियल-टाइम नजर
    • एंबेसी और कांसुलेट को त्वरित एक्शन की शक्ति

    सवाल यही है— क्या यह कदम भारत की विदेशों में सुरक्षा रणनीति का नया अध्याय है?


    निजर से कनाडा तक: आरोपों के बाद बढ़ी सतर्कता

    पिछले कुछ समय में कनाडा, खाड़ी देशों और यूरोप में भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर कई आरोप सामने आए। निजर, हादी और अन्य मामलों में यह दावा किया गया कि भारत अपने दुश्मनों पर विदेशों में कार्रवाई करता है।

    ➡️ इन्हीं आरोपों के बीच सरकार ने:

    • कनाडा और खाड़ी देशों में सुरक्षा समीक्षा की
    • भारतीय मिशनों को अलर्ट पर रखा
    • इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर निगरानी बढ़ाई

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, “अब हर इनपुट को स्थानीय स्तर पर ही प्रोसेस किया जा रहा है।”


    बांग्लादेश और पाकिस्तान: कहां से आ रही चुनौती?

    पाकिस्तान

    पाकिस्तान में भारत विरोधी गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे मामलों में आतंक फैलाने वाले नेटवर्क को चिन्हित किया गया।

    बांग्लादेश

    बांग्लादेश में हाल के महीनों में:

    • भारत विरोधी प्रदर्शन
    • सोशल मीडिया कैंपेन
    • धार्मिक उकसावे के मामले

    देखे गए हैं। इसके बाद भारत ने:

    • कांसुलेट्स की सुरक्षा बढ़ाई
    • सीमा पर फौज और मिसाइल तैनाती की

    विशेषज्ञों का कहना है:

    “बांग्लादेश का आकार और सैन्य क्षमता सीमित है, भारत की तैयारी किसी भी खतरे को रोकने में सक्षम है।”


    विदेशों में फंसी भारतीय महिलाएं: ‘लव जिहाद’ और कन्वर्ज़न का खतरा

    सरकारी रिपोर्ट्स में सामने आया है कि खाड़ी देशों में कई भारतीय महिलाओं को:

    • शादी के बहाने बुलाया गया
    • जबरन कन्वर्ज़न का दबाव डाला गया
    • शारीरिक और मानसिक शोषण झेलना पड़ा

    कुछ मामलों में मानव तस्करी और अंगों की अवैध बिक्री तक की आशंका जताई गई।

    ➡️ यही वजह है कि सरकार ने महिला-केंद्रित सुरक्षा ढांचा मजबूत किया।

    यहीं से कहानी सिर्फ कूटनीति नहीं, इंसानियत की बन जाती है…


    वन स्टॉप सेंटर: सिर्फ मदद नहीं, रणनीतिक हथियार

    भारत ने पहले ही:

    • UAE
    • सऊदी अरब
    • कुवैत
    • क़तर
    • ओमान
    • बहरीन

    में वन स्टॉप सेंटर शुरू किए थे। अब सिंगापुर और कनाडा (टोरंटो) में भी यह सुविधा उपलब्ध है।

    इन सेंटरों में मिलती है:

    • 24x7 हेल्पलाइन
    • कानूनी सहायता
    • मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग
    • सुरक्षित शेल्टर
    • वित्तीय मदद

    📌 खास बात:
    इन केंद्रों से मिलने वाली जानकारी सीधे भारतीय मिशनों और इंटेलिजेंस एजेंसियों तक जाती है।


    इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड: संकट में सबसे बड़ा सहारा

    भारत सरकार का Indian Community Welfare Fund (ICWF) विदेशों में फंसे भारतीयों के लिए जीवनरेखा साबित हुआ है।

    📊 आंकड़े बताते हैं:

    • 2017 में सऊदी अरब अमनेस्टी संकट
    • लीबिया, इराक, यमन, सूडान से हजारों भारतीय सुरक्षित निकाले गए
    • एयरलिफ्ट और इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन संभव हुए

    सरकारी बयान के अनुसार,

    “अब कोई भारतीय नागरिक विदेश में अकेला नहीं है।”


    भारत की विदेश नीति में बड़ा बदलाव

    विशेषज्ञ मानते हैं कि:

    • यह पहल सिर्फ सुरक्षा नहीं, रणनीतिक संदेश है
    • मोदी सरकार की एक्टिव डिफेंस पॉलिसी को दर्शाती है
    • भारत विरोधी ताकतों को साफ चेतावनी देती है

    ➡️ मैसेज क्लियर है:
    भारतीय नागरिकों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।


    निष्कर्ष: सुरक्षा, सम्मान और सख्ती का नया मॉडल

    वन स्टॉप सेंटर और इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड के जरिए भारत ने यह साबित किया है कि वह:

    • अपने नागरिकों की रक्षा कर सकता है
    • वैश्विक स्तर पर भारत विरोधी नेटवर्क को चुनौती दे सकता है
    • और विदेश नीति को जमीन पर उतार सकता है

    यह योजना न सिर्फ आज की जरूरत है, बल्कि आने वाले समय में भारत की वैश्विक सुरक्षा नीति की रीढ़ बनने जा रही है।

    Additional JS

    get more nice stuff
    in your inbox

    instantly by Subscribing to us. So you will get email everytime we post something new here

    video/recent