अरवल को मिलेगा मेडिकल कॉलेज का तोहफा! 27 एकड़ भूमि का हुआ अवलोकन, 4 जनवरी से सीमांकन की प्रक्रिया शुरू
अरवल में मेडिकल कॉलेज की मांग ने पकड़ी रफ्तार
अरवल जिले के लोगों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की मांग कर रहे अरवलवासियों की उम्मीदें अब साकार होती नजर आ रही हैं। अरवल जिला विकास मंच रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव द्वारा लगातार जनता की मांगों को आवेदन के माध्यम से जिला प्रशासन तक पहुँचाया जाता रहा है। इसी का नतीजा है कि अब प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल शुरू हो चुकी है।
27 एकड़ भूमि को बताया गया सबसे उपयुक्त स्थल
मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए बेलखारा–शहर तेलपा–केयाल–तीन मोहन क्षेत्र में स्थित लगभग 27 एकड़ भूमि को सबसे उपयुक्त स्थल माना गया है। यह भूमि तीन तरफ से सड़क से जुड़ी हुई है, जिससे आवागमन की सुविधा बेहद बेहतर है। यही कारण है कि इस स्थान को मेडिकल कॉलेज के लिए आदर्श माना जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया स्थल निरीक्षण
आज करपी अंचल अधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा प्रस्तावित भूमि का स्थल अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान भूमि की स्थिति, पहुंच मार्ग और आसपास के भौगोलिक पहलुओं का आकलन किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि यह भूमि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।
4 जनवरी 2026 से शुरू होगा सीमांकन कार्य
निरीक्षण के बाद प्रशासन की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि 4 जनवरी 2026 से भूमि का सीमांकन कार्य शुरू किया जाएगा। सीमांकन के बाद आगे की औपचारिक प्रक्रियाएं तेज होंगी, जिससे मेडिकल कॉलेज निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। यह घोषणा सामने आते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मेडिकल कॉलेज से अरवल को होंगे बड़े फायदे
अरवल में मेडिकल कॉलेज बनने से न केवल जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि आसपास के जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलेगी।
जनता की आवाज़ का असर
मनोज सिंह यादव और अरवल जिला विकास मंच द्वारा लगातार उठाई गई आवाज़ अब रंग लाती दिख रही है। यह साबित करता है कि संगठित जनआंदोलन और प्रशासनिक संवाद से विकास के बड़े सपने भी हकीकत में बदले जा सकते हैं।