अरवल में पर्यटन की नई उम्मीदें: मधुश्रवां क्षेत्र का डीएम अमृषा बैंस ने किया स्थल निरीक्षण, रोजगार और विकास की दिखी संभावनाएँ
अरवल में पर्यटन विकास को लेकर बड़ी पहल
अरवल। आज दिनांक 27 दिसंबर 2025 को जिले में पर्यटन विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जिला पदाधिकारी श्रीमती अमृषा बैंस ने कलेर प्रखंड अंतर्गत मधुश्रवां क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं का आकलन कर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ाना था। जिला प्रशासन की इस पहल से स्थानीय लोगों में नई उम्मीदें जगी हैं।
भौतिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संसाधनों का आकलन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मधुश्रवां क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक महत्व का गहन अवलोकन किया। साथ ही, उन्होंने आवागमन की सुविधा, पर्यटकों के लिए आधारभूत संरचना, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रतिवेदन समर्पित करें।
पर्यटन से मिलेगा स्थानीय रोजगार को बढ़ावा
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने कहा कि पर्यटन का विकास केवल क्षेत्र की पहचान को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। होटल, गाइड सेवा, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। साथ ही, इससे स्थानीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
अधिकारियों के बीच समन्वय पर दिया गया जोर
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री शैलेश कुमार, अपर समाहर्ता श्री रवि प्रसाद चौहान, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री विनोद कुमार सहित कई जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि पर्यटन विकास से जुड़े कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरे किए जा सकें।
अरवल जिला प्रशासन की दीर्घकालिक योजना
जिला प्रशासन अरवल द्वारा जिले के प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग के लिए सतत और योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। मधुश्रवां क्षेत्र का यह निरीक्षण उसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे अरवल को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई जा सके और जिले के समग्र विकास को गति मिल सके।