अरवल की हवा में आज बदलाव की हल्की-सी घंटी बजी, जैसे किसी दूरस्थ मठ में आशा की घंटाध्वनि। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘हमारा शौचालय–हमारा भविष्य’ अभियान का शुभारंभ हुआ, जिसे उप विकास आयुक्त-सह-उपाध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति, अरवल द्वारा प्रज्वलित किया गया। यह पहल सरकार के लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों को बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है।
कार्यक्रम में बताया गया कि स्कूलों, आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य उपकेन्द्रों और अन्य संस्थानों में मौजूद शौचालयों की वास्तविक स्थिति की पहचान कर उनका सुधार किया जाएगा। जिन स्थानों पर कमियां मिली हैं, उन्हें दुरुस्त करने तथा उपयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पूरे अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय कर्मियों, जीविका समूहों, विभिन्न सहायक संस्थानों और समुदाय के सदस्यों का सहयोग लिया जाएगा।
अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालय और सामुदायिक शौचालय—दोनों श्रेणियों में प्रतियोगिताएं होंगी। ग्राम पंचायत स्तर पर सुंदर और अच्छी तरह से संचालित शौचालयों की पहचान की जाएगी और उन्हें प्रखण्ड व जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ-साथ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से शौचालयों की स्थिति, उपयोग और रखरखाव की निरंतर निगरानी की जाएगी।
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर रणनीति तैयार कर कारगर तरीके से क्रियान्वित किया जाए। इस दौरान पटना के प्रतिनिधि श्रीमती दिव्या सिंह ने भी भाग लिया और कहा कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही यह प्रयास स्थायी सफलता की तरफ बढ़ेगा।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन के कई अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और स्वच्छता कर्मी मौजूद रहे। अंत में जिले की माननीय मुखिया ने स्वच्छता को जीवनशैली बनाने की अपील की और कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भविष्य की नींव रखेगा।
