नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के परवान चढ़ते ही राष्ट्रीय राजनीति के गलियारे अब भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम को लेकर हलचल से भरे हुए हैं। चुनावी धूल बैठते ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने संगठनात्मक प्रक्रिया को तेज करने का संकेत दे दिया है। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार को विदेश दौरे से लौटने के बाद भाजपा मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक होगी, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक शुरुआत की संभावना है।
भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव पिछले लगभग एक वर्ष से लंबित है। 29 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों की प्रक्रिया अभी बाकी है। दिलीप जायसवाल के मंत्री बनने के बाद बिहार में भी नए प्रदेश अध्यक्ष की चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक बदलावों की ओर अग्रसर दिख रही है।
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली प्रस्तावित बैठक केवल औपचारिकता नहीं होगी; इसमें उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में पार्टी अध्यक्षों के चयन पर भी निर्णय संभव है। वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2023 में समाप्त हो चुका है, हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उन्हें विस्तार दिया गया था। नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया जनवरी 2026 में, विशेष रूप से 14 जनवरी के बाद, जब खरमास समाप्त होता है, तेज होने की संभावना है।
चर्चा में कई दिग्गज नाम हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनकी संगठनात्मक पकड़ और RSS से जुड़ाव के कारण एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है। भूपेंद्र यादव का नाम भी प्रमुखता से उभर रहा है, जो संगठन के कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर और केशव प्रसाद मौर्य भी संभावित चेहरों में शामिल हैं।
इसी बीच, संसद भवन में हालिया कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने बिहार चुनाव में जीत के लिए प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। पीएम ने NDA को “स्वाभाविक, स्थिर और चुनाव के बाद भी मजबूती से कायम गठबंधन” बताया। इसके बाद जेपी नड्डा ने जीत में योगदान देने वाले नेताओं को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया।
संगठनात्मक खाके में जल्द ही बड़े बदलाव दिखाई दे सकते हैं—पार्टी की धड़कन इस समय नए अध्यक्ष के नाम पर टिकी है।
