दक्षिण भारत इन दिनों अशांत आसमान के नीचे खड़ा है। चक्रवात दित्वाह, जो श्रीलंका में तबाही मचाने के बाद उत्तर की ओर बढ़ रहा है, अब तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर अपनी पूरी ताकत के साथ असर डाल रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है, जिससे तटीय राज्यों में सतर्कता बढ़ गई है।
चेन्नई सहित दक्षिण भारत के कई शहरों के लिए उड़ानों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। एयर इंडिया ने यात्रियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उड़ानें रद्द या विलंबित हो सकती हैं, इसलिए एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट स्टेटस अवश्य जांचें।
पुड्डुचेरी में प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है। स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं और मछुआरों को समुद्र में न जाने का सख्त आदेश दिया गया है। 60 सदस्यीय बचाव दल तैनात किया गया है। सुबह से आसमान भारी है और तेज वर्षा लगातार जारी है।
तमिलनाडु के रमनाथपुरम, नागपट्टिनम और तटीय जिलों में हवाएं तेज हो चली हैं। चेन्नई एयरपोर्ट पर 54 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। रेल विभाग ने भी कई ट्रेनों के रूट और समय में बदलाव किया है। राज्य सरकार ने बताया कि करीब एक लाख एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। 6,000 राहत शिविर तैयार कर लिए गए हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
आंध्र प्रदेश में 30 नवंबर से 3 दिसंबर तक भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक की हवाएं चलने का अनुमान है। तटीय इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और मछुआरों को समुद्र से दूर रहने का सख्त निर्देश दिया गया है।
‘दित्वाह’ नाम यमन ने सुझाया था, जो सोकोट्रा द्वीप की प्रसिद्ध दित्वाह लैगून पर आधारित है।
श्रीलंका में इस तूफान ने भारी तबाही की है। देश में आपातकाल लागू है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 123 लोगों की मौत हो चुकी है और 130 लापता हैं। भारत ने 27 टन राहत सामग्री भेजी है और कोलंबो एयरपोर्ट पर फंसे भारतीय नागरिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू की गई है।
