चक्रवात ‘दित्वा’ का दक्षिण भारत पर प्रहार: तमिलनाडु–आंध्र–पुदुचेरी में भारी बारिश का अलर्ट, श्रीलंका में 47 की मौत

Satveer Singh
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दक्षिण भारत इन दिनों आसमान की बेचैन धड़कनों का बोझ झेल रहा है। बंगाल की खाड़ी में गुरुवार को बना गहरा दबाव अब पूरी तरह चक्रवात ‘दित्वा’ में बदल चुका है, और मौसम विभाग ने प्री-साइक्लोन अलर्ट जारी कर दिया है। तटीय राज्यों में हवाएं मानो किसी अदृश्य भीड़ के कदमों की तरह तेज़ होती जा रही हैं। 

तमिलनाडु, पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश पर इसका सबसे अधिक असर दिखने की आशंका है। पूर्वानुमान के मुताबिक 27 से 30 नवंबर के बीच तमिलनाडु में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में 28 और 29 नवंबर को वर्षा का चरम देखने को मिल सकता है। दक्षिण आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 28 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच लगातार बारिश का दौर चलने की संभावना जताई गई है। इसी क्रम में केरल, दक्षिण कर्नाटक और तेलंगाना भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश और बिजली गिरने के खतरे से घिरे रहेंगे। हवा की रफ्तार कई क्षेत्रों में 30–50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक साइक्लोन दित्वा की उत्पत्ति श्रीलंका के पोट्टुविल के पास बट्टिकलोआ क्षेत्र से लगभग 90 किलोमीटर दूर हुई। यह वर्तमान में चेन्नई से करीब 700 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है और लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। अनुमान है कि 30 नवंबर की शुरुआत तक यह तूफान उत्तर तमिलनाडु–पुदुचेरी–दक्षिण आंध्र प्रदेश के समुद्री तटों को प्रभावित करेगा।

इस बीच श्रीलंका में हालात पहले ही भयावह हो चुके हैं। भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने वहाँ जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक 47 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और पूरे देश में स्कूल-कॉलेज एहतियातन बंद कर दिए गए हैं। दित्वा की यह यात्रा केवल बादलों की नहीं, बल्कि लाखों लोगों की चिंता, तैयारी और दुआओं की भी है — कि यह तूफान जितना जल्दी हो सके, शांत हो जाए। 


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