रोहतास। बिहार के रोहतास जिले में पुलिस ने एक बड़े अभियान में मानव तस्करी और ऑर्केस्ट्रा की आड़ में चल रहे अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बुधवार को नासरीगंज थाना क्षेत्र के बारडीहा गांव में छापेमारी के दौरान 17 लड़कियों को मुक्त कराया गया, जिनमें अधिकांश नाबालिग बताई जा रही हैं। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके अनुसार विभिन्न राज्यों से लड़कियों को लाकर उन्हें ऑर्केस्ट्रा डांस और अनैतिक गतिविधियों में धकेला जा रहा था।
बिक्रमगंज के एएसपी संकेत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लड़कियाँ नाबालिग प्रतीत हुईं और उन्हें सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति (CWC) सासाराम भेज दिया गया है। आगे उनकी काउंसलिंग, मेडिकल जांच और बयान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मोहनिया स्थित बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह इलाका लंबे समय से अवैध गतिविधियों के लिए कुख्यात है और इसे रोहतास का "रेड लाइट जोन" भी कहा जाता है।
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों—ममता विश्वकर्मा, गीता कुंवर और रमण कुमार पासवान उर्फ मुन्ना—को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से लड़कियों को “ऑर्केस्ट्रा डांस” का लालच देकर लाते थे। बाद में उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। गिरोह के तार कई राज्यों तक फैले होने की आशंका है।
इस मामले में कुल 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। तीन आरोपी हिरासत में हैं, जबकि आठ अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई मानव तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
