नवादा में प्रेमी-प्रेमिका को उम्रकैद: कोचिंग शिक्षक की हत्या कर शव जलाने के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला


नवादा में प्रेमी-प्रेमिका को उम्रकैद: कोचिंग शिक्षक की हत्या कर शव जलाने के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

नवादा: बिहार के नवादा जिले में चर्चित कोचिंग शिक्षक हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। नवादा कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा ने आरोपी भवानी कुमारी और सुधांशु कुमार उर्फ छोटू को हत्या के मामले में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंडल कारा भेज दिया गया।

प्रेम संबंध बना हत्या की वजह

मामला 9 नवंबर 2024 का है। पुलिस जांच के अनुसार, पकरीबरावां थाना क्षेत्र के दिऔरा गांव निवासी भवानी कुमारी का पिछले तीन वर्षों से कोचिंग शिक्षक प्रवीण कुमार के साथ प्रेम संबंध था। इस दौरान भवानी का संबंध असमा गांव निवासी सुधांशु कुमार उर्फ छोटू से भी हो गया। जब प्रवीण को इस रिश्ते की जानकारी होने लगी, तब भवानी और सुधांशु ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली।

बुलाकर की गई हत्या, फिर जलाया गया शव

जांच में सामने आया कि 9 नवंबर 2024 की शाम भवानी ने फोन कर प्रवीण को मिलने के लिए बुलाया। वहां पहुंचने पर भवानी, सुधांशु और एक नाबालिग ने मिलकर प्रवीण को बांध लिया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जला दिया गया।

घटना के बाद सिसवां-लुटन बिगहा रोड पर बाइक के साथ अधजला शव बरामद हुआ। बाइक के नंबर के आधार पर पुलिस मृतक के घर पहुंची। बाद में प्रवीण की भाभी सुलोचना कुमारी ने सदर अस्पताल में शव की पहचान की, जिसके बाद नगर थाना में कांड संख्या-1320/24 दर्ज किया गया।

पांच दिन में पुलिस ने सुलझाया मामला

एसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। भवानी के मोबाइल से सुधांशु को किए गए कॉल, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को घटना के महज पांच दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में शामिल नाबालिग आरोपी के खिलाफ अलग से कार्रवाई की गई।

अदालत ने सुनाई यह सजा

विशेष न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा ने दोनों दोषियों को हत्या तथा SC/ST एक्ट के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में 7 वर्ष के अतिरिक्त कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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