भारत में रीलबाजी पर सख्ती: पब्लिक प्लेस वीडियो पर BNS और IT एक्ट का शिकंजा
मोबाइल कैमरा ऑन किया, रील बनाई और सोशल मीडिया पर डाल दी—यही आदत अब युवाओं को कानून के कटघरे तक पहुंचा सकती है। दिल्ली समेत देशभर में पब्लिक प्लेस पर बिना अनुमति रील बनाना सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि सीधा कानूनी जोखिम बन चुका है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत ऐसे मामलों में कार्रवाई तेज होने के संकेत हैं।
क्या हुआ (Breaking Angle)
दिल्ली मेट्रो, रेलवे स्टेशन, ऐतिहासिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले पब्लिक प्लेस पर रील बनाते युवाओं पर प्रशासन की नजर सख्त हुई है। पुलिस और संबंधित विभागों ने साफ किया है कि बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग, ड्रोन उड़ाना या आपत्तिजनक कंटेंट पब्लिश करना दंडनीय अपराध है।
पिछली पृष्ठभूमि
रील कल्चर के बढ़ते प्रभाव में युवा अक्सर यह भूल जाते हैं कि कैमरे में कैद हो रहे अनजान लोग भी कानूनी रूप से संरक्षित हैं। आईटी एक्ट की धारा 66E के तहत किसी की प्राइवेसी का उल्लंघन अपराध है। इसके अलावा प्रतिबंधित स्थलों पर शूटिंग करना पहले से निषिद्ध रहा है।
सरकारी प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस और रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो रेल, रेलवे परिसर और सरकारी संपत्तियों पर बिना अनुमति शूटिंग पर कार्रवाई होगी। BNS की धारा 223 के तहत निषेधाज्ञा उल्लंघन माना जाएगा, जबकि आपत्तिजनक कंटेंट पर आईटी एक्ट की धारा 67 लागू हो सकती है।
ग्राउंड रियलिटी
जमीनी हकीकत यह है कि दिल्ली के कई पब्लिक प्लेस पर रोज दर्जनों रील शूट होती हैं। कई बार मर्यादा भंग करने वाले दृश्य भी सामने आते हैं, जिससे स्थानीय लोग असहज महसूस करते हैं और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता है।
स्थानीय लोगों पर असर
रहवासियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में रीलबाजी से ट्रैफिक, सुरक्षा और निजता—तीनों प्रभावित हो रहे हैं। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों की प्राइवेसी सबसे ज्यादा खतरे में रहती है।
प्रशासनिक और राजनीतिक मायने
यह सख्ती सिर्फ कानून पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल जिम्मेदारी और सार्वजनिक मर्यादा का संदेश भी है। प्रशासन अब सोशल मीडिया ट्रेंड्स को भी गवर्नेंस के दायरे में लाने की दिशा में बढ़ रहा है।
आगे का रोडमैप
आने वाले दिनों में ASI संरक्षित स्थलों, ड्रोन उपयोग और पब्लिक शूटिंग को लेकर स्पष्ट गाइडलाइंस और सख्त निगरानी की संभावना है। युवाओं से अपील है कि रील बनाने से पहले कानून जानें।