अरवल। भारत सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने अथवा लगभग समाप्त करने के प्रयासों के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी अरवल की ओर से एक पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा श्रीकृष्ण आश्रम अरवल से शुरू होकर गांधी पुस्तकालय परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा तक पहुंची।
डॉ. धनंजय शर्मा के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग हाथों में महात्मा गांधी की तस्वीरें लिए हुए चल रहे थे। “महात्मा गांधी के विचारों की हत्या करना बंद करो” जैसे नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. धनंजय शर्मा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को न केवल महात्मा गांधी के विचारों से एलर्जी है, बल्कि नकली राष्ट्रवाद की आड़ में देश की अर्थव्यवस्था को खोखला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों का शोषण हो रहा है और मौजूदा नीतियां देश के श्रमिकों के हित में नहीं हैं।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रतिनिधि निसार अख्तर अंसारी ने कहा कि भाजपा सरकार मजदूर विरोधी है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार ने मजदूरों के हित में मनरेगा कानून बनाया था, जिसके तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई थी, लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में मजदूरों को कभी भी पूरा रोजगार नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार ने रोजगार की गारंटी ही खत्म कर दी है और योजना से महात्मा गांधी का नाम भी हटा दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मनरेगा को जल्द बहाल करने और मजदूरों को रोजगार की पक्की गारंटी देने की मांग की।
पदयात्रा में जिला अध्यक्ष डॉ. धनंजय शर्मा, कोषाध्यक्ष निसार अख्तर अंसारी, उपाध्यक्ष कामेश्वर शर्मा, जावेद अख्तर, मो. नवाजिश, इमरान सिद्दीकी, भोलानाथ गोस्वामी, आनंदी राम सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।

