हिंदू ज्योतिष में शनि ग्रह को न्याय और कर्म का देवता माना गया है। शनि की साढ़ेसाती को अक्सर भय और कठिनाइयों से जोड़ा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। साढ़ेसाती हर व्यक्ति के लिए नकारात्मक फल नहीं देती। कई बार यह अवधि शनि देव की विशेष कृपा और उन्नति का समय भी साबित होती है। 2025 में शुरू होने वाली साढ़ेसाती के दौरान यदि कुछ संकेत दिखाई दें, तो समझना चाहिए कि शनि आपकी भक्ति और कर्म से प्रसन्न हैं।
साढ़ेसाती क्या है?
साढ़ेसाती उस समय को कहते हैं जब शनि ग्रह चंद्रमा से 12वें, पहले और दूसरे भाव में गोचर करता है। यह लगभग 7.5 वर्षों का काल होता है। यह समय जीवन में परीक्षा, कठिनाइयों और परिश्रम लाता है, लेकिन जो लोग सत्य, अनुशासन और कर्तव्य पालन करते हैं, उनके लिए यह अत्यंत शुभ भी होता है।
साढ़ेसाती में शनि प्रसन्न होने के 5 संकेत:
1. जानवरों का प्रेम: काला कुत्ता, गाय या कौआ अचानक आपके पास आएं, आपका साथ दें या आपकी उपस्थिति में शांत रहें। यह शनि की कृपा का महत्वपूर्ण संकेत है।
2. सकारात्मक और शुभ सपने: हनुमान जी, शिवजी या ऊंचाई की ओर जाते दृश्य दिखना शुभ संकेत है। सुबह मानसिक शांति और ताजगी महसूस होना भी शनि देव की प्रसन्नता दर्शाता है।
3. करियर में उन्नति: नौकरी में प्रमोशन, नए प्रोजेक्ट या सहकर्मियों का सहयोग मिलना शनि देव के अनुग्रह का संकेत है।
4. मेहनत का फल मिलना: लंबे समय से चले आ रहे प्रयासों का फल साढ़ेसाती में मिलने लगे तो समझिए शनि आपके साथ हैं।
5. अटके कार्य पूरे होना: वर्षों से अटके कार्य जैसे कोर्ट केस, पैसा अटकना या घर बनना साढ़ेसाती में आसानी से पूरे होने लगें।
साढ़ेसाती केवल कठिनाइयों का समय नहीं है। सत्य, भक्ति और कर्म का पालन करने वालों के लिए यह समय शनि देव की कृपा और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला साबित होता है। 2025 की साढ़ेसाती में यदि ये संकेत दिखें, तो निश्चिंत रहें, शनि आपकी उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
