टेक्सास के अर्लिंग्टन में आयोजित वर्ल्ड्स स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन प्रतियोगिता इस बार खेल से ज्यादा विवादों के कारण सुर्खियों में है। दुनिया की सबसे ताकतवर महिला का ताज जीतने वाली जैमी बुकर को खिताब मिलने के कुछ ही समय बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिससे खेल जगत में खलबली मच गई। वजह उतनी ही चौंकाने वाली है—जैमी बुकर जैविक रूप से पुरुष हैं, और यह सूचना प्रतियोगिता से पहले आयोजकों को उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
स्ट्रॉन्गमैन गेम्स विश्व चैंपियनशिप 2025 की यह प्रतियोगिता महिलाओं की ओपन कैटेगरी में आयोजित की गई थी। बुकर ने प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया और विजेता बनीं, लेकिन बाद में जब उनकी जैविक पहचान सामने आई तो आयोजकों ने तत्काल जांच शुरू की। इंस्टाग्राम पर जारी बयान में आयोजकों ने कहा कि यदि उन्हें पहले से यह तथ्य पता होता, तो बुकर को भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाती। आयोजन समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में प्रतियोगी केवल अपने जन्म के समय दर्ज जैविक लिंग के आधार पर ही संबंधित श्रेणी में हिस्सा ले सकेंगे।
आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतियोगिता की निष्पक्षता प्रभावित हुई है और इससे उन खिलाड़ियों के प्रयासों पर पानी फिर गया जिन्होंने खेल की भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया था। बयान में यह भी कहा गया कि वे उन सभी एथलीटों के साथ खड़े हैं जिनकी मेहनत पर अनजाने में सवाल खड़े हुए।
तीन बार वर्ल्ड्स स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन चैंपियन रह चुकीं रेबेका रॉबर्ट्स ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें बुकर की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी नहीं थी। रॉबर्ट्स ने स्ट्रेंथ स्पोर्ट्स में पारदर्शी नियमों, स्पष्ट श्रेणी मानकों और समय पर सूचना देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनकी टिप्पणी को एंड्रिया थॉम्पसन ने सोशल मीडिया पर समर्थन दिया, जिसके बाद प्रशंसकों ने थॉम्पसन को इस इवेंट की "असली चैंपियन" के रूप में सराहा।
इस विवाद ने खेलों में श्रेणी-आधारित निष्पक्षता, पारदर्शिता और नियमों की मजबूती को लेकर वैश्विक बहस को फिर से तेज कर दिया है।
