अरवल। जिले में बाल विवाह-मुक्त भारत अभियान की पहली वर्षगांठ पर बुधवार को जिला स्तर पर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम के निर्देशानुसार पूरे राज्य में चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
समारोह की अध्यक्षता जिला विकास आयुक्त शैलेंद्र कुमार ने की। इस दौरान जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षकों, आंगनवाड़ी सेविकाओं-साथिनों, आशा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में छात्रों-छात्राओं ने सामूहिक रूप से बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए समाज का प्रत्येक सदस्य सतर्क और सक्रिय रहना होगा।
कार्यक्रम में संदेश दिया गया कि परिवार एवं समुदाय की जागरूकता ही बाल विवाह रोकथाम की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रत्येक बालक-बालिका के सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए बाल विवाह से स्पष्ट दूरी बनाए रखना आवश्यक है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 181 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चे का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक आयोजित इन शपथ समारोहों में भारी संख्या में लोगों की सहभागिता दर्ज की गई। अधिकारियों ने कहा कि इस सामूहिक संकल्प के साथ अरवल बाल विवाह-मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुका है। आगामी दिनों में अभियान को और अधिक जनता से जोड़ने के लिए जनजागरण की गतिविधियाँ निरंतर आयोजित की जाएँगी।
जिला प्रशासन ने कहा कि यह पहल तभी सफल होगी जब समाज एकजुट होकर इसे अपने नैतिक कर्तव्य की तरह अपनाए।
