इमरान खान की हत्या की अफवाह से पाकिस्तान में हड़कंप: बहनों से मारपीट, अदियाला जेल के बाहर हजारों समर्थक जुटे

Satveer Singh
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर एक बार फिर तनाव और अनिश्चितता की धुंध फैल गई है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान की कथित मौत की अफवाह ने ऐसा तूफान खड़ा किया है कि देश के राजनीतिक गलियारों से लेकर सड़कों तक बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। अफगानिस्तान की कुछ मीडिया संस्थाओं ने बुधवार को दावा किया कि इमरान खान की जेल में हत्या कर दी गई है। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इस रिपोर्ट को तुरंत खारिज कर दिया, लेकिन इमरान से किसी को मिलने न देने से इन अफवाहों को और बल मिल गया है।

जेल के बाहर हंगामा, इमरान की बहनों के साथ मारपीट

स्थिति तब और बिगड़ी जब मंगलवार रात इमरान खान की बहनों—नोरीन खान, अलीमा खान और उजमा खान—को जेल के बाहर से जबरन हटाया गया। गवाहों के अनुसार, पंजाब पुलिस ने उन्हें सड़क से घसीटकर भगा दिया और मारपीट भी की। इमरान खान की बहनें लंबे समय से उनसे मिलने की अनुमति की मांग कर रही हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें लगातार रोका जा रहा है।

इमरान खान की बहन नोरीन नियाज़ी ने पंजाब पुलिस प्रमुख उसमान अनवर को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बर्बर तरीके से घसीटा। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान अचानक स्ट्रीटलाइटें बंद कर दी गईं, जिससे अंधेरे में पुलिस बल हिंसा कर सके। नोरीन ने बताया कि उन्हें अपने भाई से मिले एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है; आखिरी मुलाकात 30 अक्टूबर 2024 को हुई थी।

समर्थकों का जमावड़ा, सुरक्षा कड़ी

अफवाह फैलते ही पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के हजारों कार्यकर्ता अदियाला जेल के बाहर इकट्ठा हो गए और इमरान खान की सेहत को लेकर स्पष्ट जानकारी की मांग करने लगे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जेल परिसर के बाहर सैकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों को जेल के पास तक जाने नहीं दिया जा रहा, जिसके चलते फैक्ट्री नाका क्षेत्र में PTI नेताओं ने धरना शुरू कर दिया है।

हालांकि PTI के पूर्व नेता फवाद चौधरी ने भारतीय मीडिया से बातचीत में इमरान खान की मौत की अफवाहों को “बकवास” बताया, लेकिन पार्टी समर्थक उनकी बातों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। उनका सवाल सीधा है—अगर इमरान खान सुरक्षित और जीवित हैं तो उनसे मिलने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही?

अफवाहें तेज हैं, तनाव चरम पर है, और पाकिस्तान एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चय के साये में खड़ा है।


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