भोपाल की हवा इन दिनों एक अदृश्य खतरे की आहट लेकर चल रही है — ऑनलाइन अपराध ‘सेक्सटॉर्शन’ के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों को सचेत करते हुए बताया है कि अपराधी अब फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अचानक आने वाले अश्लील वीडियो कॉल को हथियार बनाकर भोले-भाले लोगों की जेब-ज़हन दोनों को निशाना बना रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में दर्ज मामलों से यह स्पष्ट है कि इन गैंगों की चालाकी किसी डिजिटल गिरगिट जैसी होती है—वे दिखने में सामान्य प्रोफाइल रखते हैं, लेकिन संपर्क होते ही अश्लील वीडियो कॉल के जरिए शिकार को असहज स्थिति में धकेल देते हैं। इसके बाद शुरू होता है धमकियों का दौर: “वीडियो वायरल कर देंगे, पैसे भेजो…”। कई लोग डर के मारे रकम भेज देते हैं और अनजाने में अपराधियों की हिम्मत और बढ़ा देते हैं।
क्या है सेक्सटॉर्शन?
यह ऐसा साइबर अपराध है जिसमें किसी की निजी, संवेदनशील या आपत्तिजनक सामग्री को सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे, गिफ्ट, या अन्य फायदे मांगे जाते हैं। यह अपराध न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाता है बल्कि मानसिक तनाव, शर्मिंदगी और सामाजिक भय का एक भारी बादल भी ले आता है।
पुलिस की सलाह
पुलिस का कहना है कि किसी भी सूरत में ब्लैकमेलर को पैसे न भेजें। रकम भेजना तेल में आग जैसा असर करता है—धमकियां बढ़ती जाती हैं। इसके बजाय, पीड़ित को चाहिए कि वह हर चैट, कॉल और ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट जैसे सबूत सुरक्षित रखे और तुरंत शिकायत दर्ज कराए।
कहां करें शिकायत?
भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930
साइबर पुलिस ने यह भी कहा है कि ऐसे मामलों में शर्म या डर के कारण चुप रहना अपराधियों को और ताकत देता है। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतनी जल्दी कार्रवाई संभव है। डिजिटल दुनिया में सुरक्षा, सतर्कता और समय पर कदम—यही तीन कवच नागरिकों को सुरक्षित रख सकते हैं।
