छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश—दोनों जगहों से बुधवार को ऐसी घटनाओं की खबरें आईं, जिन्होंने कई परिवारों को अचानक शोक के सागर में ढकेल दिया। रात के सुनसान हाईवे और सुबह की धुंध में दो अलग-अलग सड़क हादसों ने पाँच–पाँच जिंदगियाँ छीन लीं। जैसे किसी यात्रा की हँसी अचानक भारी खामोशी में बदल गई हो।
पहला हादसा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हुआ। जांजगीर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुकली गांव के पास नेशनल हाईवे-49 पर देर रात एक स्कार्पियो और तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर हो गई। स्कार्पियो में सवार आठ लोग नवागढ़ से एक शादी समारोह से लौट रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुँची और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों की गति काफी अधिक थी, जिससे टक्कर के बाद स्कार्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले में सुबह का सन्नाटा एक और दर्दनाक घटना से टूट गया। बारात से लौट रही एक आल्टो कार गांव मझरा पूरब में पुल से फिसलकर सुटिया नदी में जा गिरी। कार में छह लोग सवार थे। डूबने से पाँच लोगों की मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है। मृतकों की पहचान बहराइच जिले के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है:
1. जितेंद्र मल्लाह, 23 वर्ष
2. घनश्याम मल्लाह, 25 वर्ष
3. लालजी मल्लाह, 45 वर्ष
4. अजीमुल्ला, 45 वर्ष
5. सुरेंद्र मल्लाह, 56 वर्ष
दोनों हादसों ने परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है। पुलिस ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के प्रति फिर एक बार सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि तेज रफ्तार और लापरवाही अक्सर यात्राओं को अनचाहे अंधेरे में बदल देती है।
