| सिबिल सर्जन बने मुखदर्शक,आम जनता परेशान |
सिविल सर्जन को सरकारी मोबाइल सूचना देने के बाद भी कोई कोई ठोस कदम नही उठाया गया
बिहिया। आरा शहर स्थित सदर अस्पताल में आय दिनों तरह तरह की घटनाएं घटित हो रही है।जो जिले में चर्चा का विषय बन कर रह जाता है।शुक्रवार को भी एक सर्जिकल वार्ड कमरा संख्या 69 के मरीज व परिजनों के साथ अस्पताल में कार्य करने वाले युवक द्वारा बतमीजी किया।मरीज को डिस्चार्ज करने के बाद घण्टो देर तक उसे जमा कागजात उपलब्ध नही कराया जा रहा था।कुछ न कुछ कह कर टाल मटोल किया जा रहा था। वार्ड में कार्यरत सभी स्टाफ ओटी के बगल के गोदाम में बैठ मौज मस्ती किया जा था।इस दौरान मरीज द्वारा वार्ड के बेड से स्वयं अपना कागजात मांगने गया तो कोई नही सुन रहा था तथा अपने मे मोबाइल की छीना झपटी किया जा रहा था।बगल में खड़ा मरीज व महिला परिजन इन सभी का ड्रामा देखने लगा खींचातानी में रूम के दरवाजा मरीज के ओपरेशन वाले जगह लग गया।जब मरीज द्वारा बोला गया क्या ये ड्रामा है उपस्थित एक युवक नाम ना मालूम मरीज को बताने सीखने की बात बोल दिया गया।इतना नही उसका मनोबल इतना चढ़ गया कि वे अपने को पत्रकार के बाप तक बोलने लगा।इस दौरान जब बोला गया की हम बुलाते हैं पत्रकार ये बात तुम बोल कर दिखाओ।अप्परेशन रहित मरीज को देख लेने सदर में न घुसने की बात भी बोल दिया गया।उसके बाद मरीज वहाँ से अपने बेड पर पहुँच मामले को लेकर जब सिविल सर्जन को सरकारी नम्बर पर फोन कर जानकारी दिया गया तो उनकी भी बात निराली निकली।उन्होंने कहा कि हम क्या करे हॉस्पिटल में सेवा भाव से रहिये अथवा आने की कोई जरूरत नही है।जब मरीज बोला कि इसकी शिकायत हम जिलाधिकारी से करेंगे तो फोन काट दिया गया तथा अपने एक निजी दलाल को फोन कर मरीज के पास समझने के लिए भेजा गया।इस दौरान आधी अधूरी कागजात तुरंत मरीज तक ला दिया गया।आखिर ये सब सदर अस्पताल में कब तक चलेगा खेल कौन होगा जिम्मेवार?किसके इशारे पर अस्पताल में हो रहा खेल जिसे आम आवाम परेशान।घटना स्थल पर उपस्थित स्टाफ से जब बतमीजी करने वाले इंसान का नाम पोस्ट कौन है क्या है पूछा गया तो एक स्टाफ ने बोला कि की छोड़िए न उतना उतना अस्पताल में होते रहता है मैनेज कीजिये हम उसको यहां से भागा दिए है।मामले को अब यही शांत कीजिये।आखिर ये कौन है बतमीज इंसान।किसके सहारे सदर में कर रहा है कार्य?इसका नाम पता पोस्ट किसी स्टाफ ने बताने की हिम्मत नही बनाया।सीधे मरीज को समझने में सभी रहे परेशान।उक्त घटना किसी और के साथ नही मेरे ही साथ हुआ है।
