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अरवल बाजार जाम से बेहाल, माले ने डीएम को दिया आवेदन – 23 फरवरी के बाजार बंद का समर्थन


अरवल बाजार में लगातार बढ़ती जाम की समस्या को लेकर अब स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राजनीतिक दलों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। भाकपा माले ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी को आवेदन सौंपते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, जाम से त्रस्त व्यवसायियों द्वारा 23 फरवरी को घोषित बाजार बंद का पार्टी ने समर्थन भी किया है।

जाम से जनजीवन अस्त-व्यस्त

अरवल बाजार में स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। घंटों तक एम्बुलेंस जाम में फंसी रहती हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्कूल बसें समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं और परीक्षार्थियों को 2 से 5 मिनट की देरी पर परीक्षा से वंचित होना पड़ रहा है।

पहले जहां अरवल से पटना की दूरी सवा से डेढ़ घंटे में तय हो जाती थी, वहीं अब यही सफर 3 से 4 घंटे में पूरा हो रहा है। लगातार जाम के कारण व्यापार पूरी तरह ठप पड़ गया है, जिससे दुकानदारों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है।

बालू लदे ट्रकों पर दिन में रोक लगाने की मांग

माले नेताओं ने आरोप लगाया कि सोन नदी से अनियंत्रित बालू खनन जारी है और भोजपुर से आने वाले बालू लदे ट्रकों की आवाजाही से जाम की समस्या और बढ़ रही है। उन्होंने मांग की है कि दिन के समय बालू लदे ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए, ताकि बाजार क्षेत्र को राहत मिल सके।

23 फरवरी को बाजार बंद

लगातार जाम से परेशान दुकानदारों ने 23 फरवरी को अरवल बाजार बंद रखने का ऐलान किया है। कई दुकानदारों की स्थिति यह है कि दुकानें बंद होने के बावजूद उन्हें किराया घर से देना पड़ रहा है, जिससे उनके परिवार की आजीविका संकट में पड़ गई है। माले ने इस बंद का समर्थन करते हुए कहा कि वह व्यवसायियों के साथ खड़ा है।

उसरी बाजार में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग

माले के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को दिए आवेदन में उसरी बाजार में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग भी उठाई है। बताया गया कि कलेर अंचलाधिकारी द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाने के बाद निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन एक दबंग भाजपा नेता के इशारे पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। उसरी बाजार आसपास की 4-5 पंचायतों के ग्रामीणों का मुख्य बाजार है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते हैं।

माले नेताओं की पहल

भाकपा माले के पूर्व विधायक महानंद सिंह ने पहले भी विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था और डीएम को आवेदन देकर दिन में बालू लदे ट्रकों पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे कुछ समय के लिए लागू भी किया गया था। अब फिर से स्थिति पहले जैसी हो गई है।

माले के जिला सचिव जितेंद्र यादव और पूर्व विधायक महानंद सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि अरवल बाजार को जाम की समस्या से राहत मिल सके।

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