मौसम विभाग ने रविवार को लेकर भी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, प्रदेश के 15 जिलों में अत्यंत घना कोहरा छाए रहने के साथ कोल्ड डे (शीत दिवस) जैसी परिस्थितियां बनी रहेंगी। उत्तर बिहार में जहां घने कोहरे का असर ज्यादा रहेगा, वहीं दक्षिण बिहार में बर्फीली पछुआ हवा के कारण कनकनी लोगों को बेहाल करेगी।
🌫️ 15 जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट, उत्तर बिहार सबसे ज्यादा प्रभावित
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को राज्य के पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में घना कोहरा छाए रहने के साथ कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी।
इन जिलों में दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ेगा। खासकर सुबह और देर रात के समय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पटना में कम कोहरा, लेकिन ज्यादा कनकनी
उत्तर बिहार की तुलना में पटना और दक्षिण बिहार के हिस्सों में कोहरे का असर अपेक्षाकृत कम रहेगा, लेकिन बर्फीली पछुआ हवा के कारण ठंड ज्यादा महसूस की जाएगी। राजधानी पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर कम होने के कारण पूरे दिन ठंड का अहसास बना रहता है। यही वजह है कि पटना में दिन और रात दोनों समय कनकनी लोगों को परेशान कर रही है।
कहां कितना रहा तापमान, जानिए पूरा हाल
शनिवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान किशनगंज में 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान के मामले में भागलपुर (सबौर) और डेहरी (रोहतास) सबसे ठंडे रहे, जहां पारा 12.0 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
राजधानी पटना में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच करीब चार डिग्री का अंतर दर्ज किया गया, जो ठंड बढ़ने का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:
- गया: अधिकतम 18.4°C | न्यूनतम 15.4°C
- भागलपुर: अधिकतम 17.0°C | न्यूनतम 13.3°C
- पटना: अधिकतम 16.6°C | न्यूनतम 12.8°C
- मुजफ्फरपुर: अधिकतम 15.2°C | न्यूनतम 14.0°C
दृश्यता 200 मीटर तक गिरी, वाल्मीकि नगर सबसे ज्यादा प्रभावित
कोहरे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को राज्य में सबसे कम दृश्यता पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में मात्र 200 मीटर दर्ज की गई। इतनी कम दृश्यता के कारण हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर लोग दिन में भी वाहन की लाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे।
कोहरे ने थामा यातायात, 24 फ्लाइट और दर्जनों ट्रेनें लेट
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर हवाई और रेल यातायात पर देखने को मिला। शनिवार को कोहरे के कारण कुल 24 विमान विलंबित रहे। इनमें नौ दिल्ली से पटना आने वाली और 15 पटना से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट शामिल थीं।
खराब मौसम के चलते दिल्ली से आने-जाने वाली एयर इंडिया की पहली फ्लाइट रद्द कर दी गई। अन्य उड़ानें 30 मिनट से लेकर तीन घंटे तक की देरी से संचालित हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेल यातायात भी इससे अछूता नहीं रहा। पटना जंक्शन से होकर गुजरने वाली दो दर्जन से अधिक ट्रेनें विलंबित रहीं। कुछ ट्रेनें आधे घंटे तो कुछ 10–11 घंटे तक देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ गईं।
आम जनजीवन पर असर, ठंड से बचाव बना चुनौती
लगातार ठंड और कोहरे के कारण आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। सुबह और शाम के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आ रही है। गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए यह मौसम और भी कठिन साबित हो रहा है। कई इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते दिखे।
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ठंडी हवा और नमी के कारण सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
चार दिन बाद मौसम में सुधार की उम्मीद
हालांकि, राहत की खबर भी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार के आसार हैं। कोहरे की तीव्रता में कमी आएगी और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
तब तक लोगों को सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
बिहार में इस समय ठंड अपने चरम पर है। घना कोहरा, बर्फीली पछुआ हवा और गिरता तापमान जनजीवन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। मौसम के इस बदले मिजाज में प्रशासन और आम लोगों—दोनों के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख क्या रहेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

