युगांत की भविष्यवाणी: 7 दिन का दिन, 7 दिन की रात और धरती पर मचेगा हाहाकार — भविष्य मालिका की चौंकाने वाली बातें

युगांत की भविष्यवाणी: 7 दिन का दिन, 7 दिन की रात और धरती पर मचेगा हाहाकार — भविष्य मालिका की चौंकाने वाली बातें

Satveer Singh
0

हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित युग-परिवर्तन से जुड़ी कई भविष्यवाणियां समय-समय पर चर्चा का विषय बनती रही हैं। इन्हीं में से एक प्रसिद्ध ग्रंथ ‘भविष्य मालिका’ में वर्णित भविष्यवाणी इन दिनों फिर सुर्खियों में है। करीब 600 वर्ष पूर्व अच्युतानंद दास जी द्वारा लिखी गई इस मालिका के अनुसार कलियुग के अंत और सतयुग की शुरुआत के बीच पृथ्वी पर बेहद भयावह परिस्थितियाँ उत्पन्न होंगी। यह समय मानव सभ्यता के लिए सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक बताया गया है।

भविष्य मालिका के अनुसार जब युग परिवर्तन का समय आएगा, तब सूर्य लगातार 7 दिन तक आसमान में चमकता रहेगा। इस दौरान पूरी दुनिया में रात नहीं होगी। उसके बाद अचानक लगातार 7 दिन की अंधेरी रात पृथ्वी को अपनी चपेट में ले लेगी। वैज्ञानिक दृष्टि से भले यह असंभव प्रतीत हो, लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार यह घटना ब्रह्मांडीय परिवर्तन का संकेत मानी गई है।

ग्रंथ में वर्णन मिलता है कि इस अंधकार काल में धरती पर प्राकृतिक और अलौकिक संकटों की बाढ़ आ जाएगी। बिजली और आधुनिक उपकरण अचानक काम करना बंद कर देंगे। चारों तरफ घनघोर अंधेरा छाएगा और इंसानों में भय का माहौल बन जाएगा। कहा गया है कि तब भूत-पिशाच, चामुंडा जैसी शक्तियाँ भी प्रकट होकर विनाश में योगदान देंगी।

अच्युतानंद दास जी लिखते हैं कि इस समय तीन-चौथाई मानव आबादी नष्ट हो जाएगी। भूख-प्यास और हिंसा से लोग मरने लगेंगे। जंगली जानवर भी घरों में घुसकर हमला करेंगे। अनाज और पानी की भारी कमी हो जाएगी।

हालांकि, भविष्य मालिका यह भी कहती है कि इस विनाशकारी समय में भगवान कल्कि अपने भक्तों की रक्षा करेंगे। जो लोग सत्य, धर्म, और भक्ति के मार्ग पर चलने वाले होंगे, वे अंधेरे में भी स्पष्ट देख सकेंगे और महीनों तक बिना भोजन-पानी के जीवित रह सकेंगे।

सबसे महत्वपूर्ण भविष्यवाणी यह है कि सतयुग के अनुरूप नया संतुलित ब्रह्मांड बनाने के लिए नए सूर्य और चंद्रमा की स्थापना की जाएगी। इसी प्रक्रिया में वर्तमान सूर्य और चंद्रमा का नाश होगा, जिसके चलते पृथ्वी पर 7 दिन का उजाला और 7 दिन की घोर रात्रि रहेगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय भले ही भयावह बताया गया है, लेकिन इसे सृष्टि के शुद्धिकरण और नए युग की शुरुआत का संकेत भी माना जाता है।

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(2)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Out
Ok, Go it!
To Top