नई दिल्ली। आयकर रिटर्न फ़ाइल करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। इनकम टैक्स रिफंड में हो रही देरी को लेकर उठ रहे सवालों पर अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज़ (CBDT) ने आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया है। बोर्ड के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि जिन मामलों में रिफंड की राशि अधिक है, कई तरह के डिडक्शन शामिल हैं या रिटर्न के डेटा में असंगतियां पाई गई हैं, उन्हें ‘रिस्क-बेस्ड स्क्रूटनी’ में डालकर गहन जांच की जा रही है।
बड़े रिफंड वाले मामलों की जांच जारी
CBDT के अनुसार, गलत दावे और दुरुपयोग रोकने के लिए ऐसे मामलों में अतिरिक्त सत्यापन किया जाता है। यही वजह है कि बड़े और जटिल मामलों में रिफंड प्रोसेसिंग में अधिक समय लग रहा है।
रिफंड के आंकड़े
1 अप्रैल से 10 नवंबर तक विभाग ने ₹2.42 लाख करोड़ के रिफंड जारी किए हैं। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 18% कम है। इसका संकेत है कि बड़ी राशि वाले मामलों की समीक्षा अभी भी जारी है।
कौन से रिफंड जल्दी मिल रहे हैं?
सरल और कम राशि वाले ITR, जिनकी फाइलिंग साफ है और जिनमें कम डिडक्शन हैं—ऐसे रिटर्न को सिस्टम तेजी से वैलिडेट करता है। इन मामलों में रिफंड बिना मैनुअल चेक के सीधे क्रेडिट हो जाते हैं।
अपना ITR रिफंड स्टेटस ऐसे देखें
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएँ: incometax.gov.in
लॉगिन कर OTP से वेरिफाई करें
e-File मेन्यू में जाकर Refund/Demand Status चुनें
AY 2025-26 सेलेक्ट करें
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रिफंड कब तक मिलेगा?
CBDT चेयरमैन ने कहा है कि बाकी बचे रिफंड इस महीने या दिसंबर तक जारी कर दिए जाएंगे। यानी टैक्सपेयर अगले कुछ हफ्तों में अपने रिफंड की उम्मीद कर सकते हैं।
आयकरदाताओं के लिए यह अपडेट एक ठंडी हवा की तरह है—जो लंबे इंतज़ार को कुछ हल्का कर देती है।
