Type Here to Get Search Results !

भ्रष्टाचार के खिलाफ परासी मुखिया के खिलाफ दिया गया था आवेदन लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं।

अरवल। सदर प्रखंड अरवल के परासी ग्राम पंचायत के मुखिया मुसर सुल्ताना ताज द्वारा 15 वीं वित्त एवं षष्ठम राज्य वित्त आयोग मद द्वारा क्रियान्वित योजनाओं पर भारी भ्रष्टाचार एवं अनियमितता को लेकर ग्राम परासी निवासी शशिकांत कुमार एवं अन्य सैकड़ो ग्रामीणों द्वारा निगरानी विभाग पटना एवं जिलाधिकारी अरवल को शिकायत पत्र दिया गया था। शिकायत पत्र के आलोक में निगरानी विभाग पटना के पत्रांक 2296/ पटना ,दिनांक 07/04/2025 एवं पत्रांक 5624/ पटना ,दिनांक 20/08/2025 द्वारा जिलाधिकारी अरवल को जांच के आदेश दिया गया था ,जिस पर जिलाधिकारी अरवल द्वारा अपने पत्रांक 49/ नि0को0 दिनांक 22/05/2025 द्वारा उप विकास आयुक्त अरवल को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया था उक्त आदेश के आलोक में उप विकास आयुक्त अरवल द्वारा पत्रांक 787दिनांक 14/08/2025 द्वारा टीम गठन किया गया, दिनांक 20/11/2025 को क्रियान्वित योजनाओं पर लगाए गए आरोपों की स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच दल श्री रितेश कुमार ,निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन डीआरडीए अरवल एवं श्री संजय गांधी सहायक अभियंता मनरेगा अरवल द्वारा संयुक्त रूप से निष्पक्ष जांच किया गया, जांच के दौरान परासी मुखिया द्वारा कराई गई विभिन्न योजनाओं के कार्यों में भारी भ्रष्टाचार एवं अनियमितता पाई गई है। जांच दल द्वारा दिनांक- 29/11/2025 को उपविकास आयुक्त अरवल को जांच प्रतिवेदन अपने मंतव्य के साथ आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई थी, जिस पर जिलाधिकारी अरवल के निर्देशानुसार जिला पंचायत राज पदाधिकारी अरवल को शीघ्र कार्रवाई करने हेतु पूरी अभिलेख दो माह पहले ही भेज दिया गया था, निगरानी विभाग पटना द्वारा बार बार कार्रवाई हेतु निर्देशित किया जाता रहा है परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।तब फरियादी ने जिलाधिकारी अरवल के जनता दरबार में दिनांक -19/12/2025 , 09/02/2026 एवं दिनांक -27/01/2026 को दोषी मुखिया पर शीघ्र कार्रवाई करने हेतु आवेदन पत्र दिया गया है और आवेदन पत्र में यह कहा गया कि जब जांच हो गई और मुखिया परासी दोषी पाए गए तो बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 18(5) के तहत शीघ्र कार्रवाई हो और गबन राशि को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए राशि को वसुली की जाए । फरियादी ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि जिला पंचायत राज पदाधिकारी अरवल द्वारा अग्रेत्तर कार्रवाई नहीं की जा रही है ये ठंडे बस्ते में सभी फाईल को डाल दिये हैं मुखिया के मेल में होकर मुखिया को बचाना चाहते हैं। यह कार्रवाई के लिए लंबे समय से फाईल दबी है । जॉच रिपोर्ट होने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं होना यह एक चिंता की विषय है अब इस मामले को लेकर पूरी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी अरवल श्रीमती अमृषा बैंस के ऊपर निगाहे टिकी हुई हैं कि कितना जल्द कार्रवाई होती हैं या नहीं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

#codes

Hollywood Movies