अरवल/जहानाबाद। परिवाद संख्या 262/2024 में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के अभियुक्त, तत्कालीन जिला प्रबंधक अमरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत अर्जी को न्यायालय ने स्वीकार नहीं किया। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता रंजय कुमार ने बताया कि अमरेंद्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जहानाबाद के समक्ष अग्रिम जमानत आवेदन दाखिल किया गया था, जिसे सुनवाई के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, अरवल के न्यायालय में प्रेषित किया गया।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए अग्रिम जमानत आवेदन को खारिज कर दिया और अभियुक्त को निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता रंजय कुमार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
यह मामला सदर प्रखंड अरवल स्थित एफसीआई गोदाम से चावल और गेहूं के बड़े पैमाने पर गबन से जुड़ा है। सहायक प्रबंधक हरिशंकर सिंह द्वारा इस संबंध में शिकायत दी गई थी, लेकिन न तो प्राथमिकी दर्ज हुई और न ही वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा कोई निर्णय लिया गया। इसके बाद हरिशंकर सिंह ने अधिवक्ता रंजय कुमार के माध्यम से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अरवल के समक्ष परिवाद दाखिल किया।
जांच के बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, अरवल ने 15 नवंबर 2025 को तत्कालीन थाना अध्यक्ष अरवल अवधेश कुमार और तत्कालीन जिला प्रबंधक अमरेंद्र कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध भादवि की कई गंभीर धाराओं में संज्ञान लिया। समन जारी होने के बावजूद अभियुक्तों के उपस्थित नहीं होने पर 8 जनवरी 2026 को गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया।
फिलहाल अरवल थाना कांड संख्या 191/2023 का पूरक अनुसंधान लंबित है। परिवादी पक्ष का कहना है कि मामले में करीब 25 दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
