अरवल। अरवल जिले में आज बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में यूनियनों के आह्वान पर हड़ताल की गई, जिसके कारण बैंकिंग कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। सुबह से ही बैंक के मुख्य द्वार पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हड़ताल विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा देशव्यापी आह्वान के तहत की गई है। यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे श्रम कानूनों (लेबर कोड) में बदलाव, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की नीति, कर्मचारियों की कमी, तथा वेतन पुनरीक्षण जैसे मुद्दों को लेकर कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।
यूनियन नेताओं ने बताया कि सरकार की नीतियों से कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही बैंकों के विलय और निजीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं कमजोर पड़ सकती हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने, रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए।
हड़ताल के कारण ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चेक क्लियरेंस, नकद निकासी, जमा और अन्य दैनिक लेन-देन के कार्य प्रभावित रहे। हालांकि एटीएम सेवाएं आंशिक रूप से चालू रहीं, लेकिन शाखा के अंदर का कामकाज पूरी तरह बंद रहा।
यूनियनों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हड़ताल विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा देशव्यापी आह्वान के तहत की गई है। यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे श्रम कानूनों (लेबर कोड) में बदलाव, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की नीति, कर्मचारियों की कमी, तथा वेतन पुनरीक्षण जैसे मुद्दों को लेकर कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।
यूनियन नेताओं ने बताया कि सरकार की नीतियों से कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही बैंकों के विलय और निजीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं कमजोर पड़ सकती हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने, रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए।
हड़ताल के कारण ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चेक क्लियरेंस, नकद निकासी, जमा और अन्य दैनिक लेन-देन के कार्य प्रभावित रहे। हालांकि एटीएम सेवाएं आंशिक रूप से चालू रहीं, लेकिन शाखा के अंदर का कामकाज पूरी तरह बंद रहा।
यूनियनों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
