महावीर गंज के निवासी संजय कुमार पंडित जो किसी तरह से मजदूरी करके जीवन बसर गुजारा करते थे उनको अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी । उन्हें शहर तेलपा थाना से महज एक किलोमीटर के दायरे में तेलपा देवकुंड मुख्य पथ पर अंधरा चक गांव के सामने गोली मारकर हत्या कर दी । सबसे अहम बात यह थी कि अपराधियों में प्रशासन का डर इतना खत्म हो गया कि थाना के सामने से ऑटो रिक्शा से आकर हत्या कर दी । एक ऑटो पर चार एवं एक मोटरसाइकिल से अपराधी आए और हत्या करके आराम से चले गए । जबकि वहां से पुलिस को तुरंत खबर मिल गई थी। लेकिन उसे निकलने में देर होने के कारण ऑटो वाले भाग गए । प्रशासन के जो परंपरागत छापेमारी करने की विभागीय घोषणा रहती है, "छापेमारी जारी है , स्थिति नियंत्रण में है " कि परंपरा निभाने में पुलिस लगी हुई है ।
घटना की खबर सुनते ही भाकपा माले के पूर्व विधायक महानंद सिंह, जिला सचिव जितेंद्र यादव, मधेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, चंद्रशेखर पंडित, करपी प्रखंड सचिव मिथिलेश यादव, देवमंदिर सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और परिवार वालों को सांत्वना दी। प्रशासन की सफलता को लेकर आम लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त था और सड़क पर प्रतिवाद शुरू किया । भारी संख्या में सड़क पर उतरे लोगों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और घंटों पार्थिव शरीर के साथ धरना पर बैठ गए ।
भाकपा माले के पूर्व विधायक महानंद सिंह ने कहा की भाजपा जदयू की इसबार प्रचंड बहुमत से जीतकर सरकार बनाने के बावजूद अपराधी बेलगाम हो गए हैं । अपराधी बेखौफ हत्या दिन दहाड़े (करीब 10 बजे दिन)करके थाना के बगल से निकल जा रहे हैं । उन्होंने जिला प्रशासन पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि डेढ़ माह पहले सूबेदार बीघा की आंगनवाड़ी सहायिका की हत्या हुई लेकिन अभी तक हत्यारों का उद्वेदन नहीं हो पाना पुलिस प्रशासन की सफलता का इससे पुख्ता उदाहरण और क्या हो सकता है । उन्होंने आगे कहा कि उनके आला पदाधिकारी डीजीपी ही नीट छात्रा हत्या-बलात्कार कांड के पीड़ित परिवारों को धमकाने में लगे हुए हो तो अपराधियों का पूरे बिहार में तांडव मचाना स्वाभाविक है ।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अपराधियों को संरक्षण देने में लगी हुई है । भाजपा जदयू सरकार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को चुन चुन कर सफाया करने की थोथी घोषणा दरअसल गरीबों, सरकार के नाकामियों का उजागर करने वाले को ही निशाना बनाना है ।
सरकार बनते ही जब सरकार ने ही गरीबों पर बुलडोजर से हमला कर दिया और यह संदेश देने में कामयाब हो गया कि गरीब दलित , न्याय पसंद लोग हों या बच्चियां या बिहार में महिलाए हों उनपर किसी तरह का हमला होगा, सरकार जवाबदेह नहीं होगी । अपनी रक्षा खुद करें ।
उन्होंने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपया मुआवजा एक सदस्य को सरकारी नौकरी एवं अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर सजा दिलाने की मांग की ।
उन्होंने पुलिस प्रशासन की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अरवल में पुलिस प्रशासन का जो रवैया है और अपराध की घटनाओं में काफी लगातार हो रहे बढ़ोतरी पर अंकुश लगे । घटना घटती है और अपराधी बेखौफ घूमते हैं इससे स्पष्ट होता है कि यहां अपराध और बढ़ेगा । अपराधी बेलगाम हो गए हैं । लिहाजा सरकार से किसी भी तरह के जघन्य घटना होने पर वहां के डीएम एसपी को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई हो तो अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है ।
