अरवल जिले के सूबेदार बीघा गांव में आंगनबाड़ी रसोईया शिकान्ति देवी की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना को लेकर भाकपा (माले) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दलितों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही भाकपा माले के वरिष्ठ नेता सह पूर्व विधायक कॉमरेड महानंद सिंह, जिला सचिव कॉमरेड जितेंद्र यादव, करपी प्रखंड सचिव कॉमरेड मिथलेश यादव, माले नेता कॉमरेड मधेश्वर प्रसाद, एपवा नेत्री कॉमरेड लीला वर्मा और राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड रवींद्र यादव सहित कई नेता मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया।
पूर्व विधायक कॉमरेड महानंद सिंह ने कहा कि “भाजपा राज में दलितों पर लगातार हमले हो रहे हैं। कहीं घर तोड़े जा रहे हैं तो कहीं हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।” उन्होंने बताया कि शिकान्ति देवी आंगनबाड़ी से छुट्टी के बाद घर लौटी थीं और शाम के भोजन के लिए जलावन लेने पास के खेत में गई थीं। आरोप है कि पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें पकड़कर हत्या कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से पहले उनके साथ बलात्कार भी किया गया, जिसके संकेत मौके की स्थिति से मिलते हैं।
भाकपा माले नेताओं ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करते हुए सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। पार्टी ने मांग की कि पीड़िता के परिवार को सरकारी नौकरी दी जाए और 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही अरवल पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भाकपा माले अरवल में बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने साफ कहा कि गरीबों और दलितों पर हो रहे अत्याचार को पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
यह घटना एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था और दलित सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर रही है, वहीं पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।

