भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच उभरते चक्रवातية दबाव को लेकर पुडुचेरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। जिला कलेक्टर ए. कुलोथुंगन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि अत्यंत आवश्यक न हो तो बाहर न निकलें। उन्होंने पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों के पास खड़े होने से बचने की अपील की। बच्चों को बाहर खेलने से रोकने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन ने आपातस्थिति में 1077, 1070, 112 पर संपर्क करने और व्हाट्सऐप नंबर 94889 81070 पर जानकारी लेने की सुविधा प्रदान की है।
उधर, आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘दितवाह’ समुद्र में अपनी ताकत बढ़ाते हुए उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। एपीएसडीएमए के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना दबाव अब चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है, जो तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं ला सकता है। 29 नवंबर की शाम से 30 नवंबर की सुबह तक यह तंत्र तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की आशंका है। चित्तूर, तिरुपति, नेल्लोर, प्रकाशम, कडपा, अन्नामय्या और श्री सत्य साई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने और किसानों को तेज हवाओं को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है।
इधर, दिल्ली में हवा फिर से दमघोंटू स्तर पर पहुंच गई है। गुरुवार सुबह धुंध, कोहरा और स्मॉग की मोटी परत के कारण दृश्यता कम रही। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 377 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। हवा की दिशा और गति बदलने से प्रदूषण में 50 अंकों की वृद्धि हुई है, जिससे सांस के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है।
