नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती की शेरनी विनेश फोगाट एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में फाइनल तक का ऐतिहासिक सफर तय करने वाली विनेश का सपना उस वक्त टूट गया था, जब फाइनल से ठीक पहले ओवरवेट होने के कारण उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। सिल्वर मेडल लगभग तय था, दुनिया की नंबर-1 रेसलर को मात दी जा चुकी थी, लेकिन किस्मत ने आखिरी मोड़ पर साथ छोड़ दिया।
इस फैसले के बाद देशभर में जबरदस्त बवाल मचा। भारत की ओर से हर संभव कोशिश की गई, लेकिन फैसला नहीं बदला। टूटी हुई उम्मीदों के बीच विनेश ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया। खेल से राजनीति तक का उनका सफर भी चर्चा में रहा। भारत लौटने के बाद उन्होंने कांग्रेस जॉइन की और हरियाणा के जुलाना विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार योगेश कुमार को हराकर शानदार जीत दर्ज की।
💥 अब फिर बदला फैसला, मैट पर वापसी का ऐलान
अब विनेश फोगाट ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। उन्होंने कुश्ती में वापसी करने और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक (LA28) में उतरने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए भावुक पोस्ट में विनेश ने अपने दिल की बात कही।
उन्होंने लिखा कि पेरिस उनके लिए अंत नहीं था। उन्हें मैट, दबाव, उम्मीदों और सपनों से कुछ समय दूर जाना पड़ा। उस खामोशी में उन्होंने खुद को दोबारा खोजा और समझा कि खेल के लिए उनका प्यार आज भी जिंदा है।
“आग कभी खत्म नहीं होती, वह बस थकान और शोर के नीचे दब जाती है।”
🏅 बेटा बनेगा सबसे बड़ी ताकत
विनेश ने यह भी बताया कि इस बार वह अकेली नहीं होंगी। उनका बेटा इस सफर में उनकी टीम, उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा और LA28 के रास्ते का छोटा चीयरलीडर होगा।
🇮🇳 देश को फिर उम्मीद
राजनीति में जीत के बाद अब खेल में वापसी का यह फैसला विनेश फोगाट को फिर से देश की उम्मीद बना रहा है। क्या LA28 में विनेश वह अधूरा सपना पूरा कर पाएंगी, जो पेरिस में टूट गया था?
पूरा देश अब फिर से उसी जवाब का इंतजार कर रहा है।
👉 विनेश फोगाट की यह वापसी सिर्फ खेल नहीं, जज्बे और हौसले की कहानी है।

