26–29 दिसंबर को आरा में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले अरवल में सख्त चयन प्रक्रिया
आरा (भोजपुर) में आगामी 26 से 29 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने वाली 46वीं सीनियर (पुरुष), 44वीं जूनियर (बालक) और 40वीं सब-जूनियर (बालक) राष्ट्रीय साइकिल पोलो प्रतियोगिता 2025-26 से पहले बिहार की टीम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में ऑल बिहार साइकिल पोलो एसोसिएशन के तत्वावधान में दिल्ली पब्लिक स्कूल, अरवल के खेल मैदान पर 22 दिसंबर 2025 को बिहार टीम के लिए फाइनल ट्रायल का आयोजन किया गया।
इस ट्रायल को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा गया, क्योंकि यहां चयनित होने वाले खिलाड़ियों को सीधे बिहार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिलेगा।
DPS अरवल के छात्रों का दबदबा, मैदान पर दिखी कड़ी प्रतिस्पर्धा
फाइनल ट्रायल में दिल्ली पब्लिक स्कूल, अरवल के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी खेल क्षमता से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। ट्रायल में भाग लेने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में—
- आदर्श कुमार
- रोनित कुमार
- सुमित कुमार
- लकी कुमार
- हर्ष कुमार
- विवेक कुमार
- शिवम कुमार
- आयुष कुमार
- आयुष प्रियदर्शी
शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि ये सभी खिलाड़ी दिल्ली पब्लिक स्कूल अरवल के छात्र हैं, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि स्कूल स्तर पर खेलों को लेकर गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
खिलाड़ियों ने तेज रफ्तार, संतुलन, रणनीति और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन किया, जिससे ट्रायल का स्तर काफी ऊंचा नजर आया।
कड़ी चयन प्रक्रिया, हर पहलू पर परखा गया खेल कौशल
फाइनल ट्रायल केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि खिलाड़ियों को तकनीक, फिटनेस, मैदान की समझ और दबाव में प्रदर्शन जैसे कई मानकों पर परखा गया। चयनकर्ताओं ने मैच जैसी परिस्थितियां बनाकर खिलाड़ियों की वास्तविक क्षमता को जांचा।
इस दौरान दर्शकों और खेल प्रेमियों की भी अच्छी खासी मौजूदगी रही, जिससे माहौल पूरी तरह प्रतियोगी बन गया।
चयन समिति का गठन, अनुभवी चेहरों को मिली जिम्मेदारी
ऑल बिहार साइकिल पोलो एसोसिएशन के सचिव चंदन पाण्डेय ने ट्रायल से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक विशेष चयन समिति का गठन किया गया है।
इस चयन समिति का नेतृत्व दिल्ली पब्लिक स्कूल, अरवल के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार कर रहे हैं। वहीं—
- मुख्य चयनकर्ता: आदित्य राज
- सदस्य: रौशन कुमार
- सदस्य: सूरज कुमार
को समिति में शामिल किया गया है। सभी चयनकर्ताओं ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहद गंभीरता से देखा और निष्पक्ष मूल्यांकन किया।
राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना, खिलाड़ियों में दिखा जुनून
ट्रायल में शामिल खिलाड़ियों के लिए यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सुनहरा मौका था। चयनित खिलाड़ी न सिर्फ बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे, बल्कि देशभर की मजबूत टीमों के खिलाफ अपना हुनर दिखाएंगे।
खिलाड़ियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और आंखों में राष्ट्रीय जर्सी पहनने का सपना साफ नजर आ रहा था। कई खिलाड़ियों ने बताया कि वे लंबे समय से इस मौके की तैयारी कर रहे थे।
आरा में होगी बड़ी खेल जंग, देशभर की नजरें बिहार पर
26 से 29 दिसंबर तक आरा (भोजपुर) में होने वाली राष्ट्रीय साइकिल पोलो प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की टीमें हिस्सा लेंगी। तीन अलग-अलग वर्गों में होने वाली इस प्रतियोगिता को लेकर खेल जगत में खासा उत्साह है।
बिहार में इस तरह के बड़े राष्ट्रीय आयोजन से न सिर्फ स्थानीय खिलाड़ियों को मंच मिल रहा है, बल्कि राज्य की खेल छवि को भी मजबूती मिल रही है।
खेल के साथ शिक्षा का संतुलन, DPS अरवल बना उदाहरण
दिल्ली पब्लिक स्कूल, अरवल का योगदान इस आयोजन में बेहद सराहनीय माना जा रहा है। स्कूल प्रशासन द्वारा खेल सुविधाएं, प्रशिक्षकों का सहयोग और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देकर यह संदेश दिया गया है कि शिक्षा के साथ खेल भी उतना ही जरूरी है।
प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में स्कूल लगातार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
निष्कर्ष: बिहार साइकिल पोलो के लिए अहम पड़ाव
अरवल में आयोजित यह फाइनल ट्रायल बिहार साइकिल पोलो के भविष्य के लिए एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। यहां से चयनित खिलाड़ी आरा में राष्ट्रीय मंच पर उतरेंगे और राज्य का नाम रोशन करने की कोशिश करेंगे।
अब सबकी नजरें चयन सूची पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि कौन-कौन से खिलाड़ी बिहार की ओर से राष्ट्रीय साइकिल पोलो प्रतियोगिता 2025-26 में अपनी ताकत दिखाएंगे।

